अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَيَجْعَلُونَ لِلَّهِ الْبَنَاتِ: ये लोग अल्लाह के लिए बेटियाँ ठहराते हैं।
- سُبْحَانَهُ: अल्लाह पाक है, वह हर ऐब और कमी से मुक्त है।
- وَلَهُم مَّا يَشْتَهُونَ: और अपने लिए वह (बेटे) चाहते हैं जो उन्हें पसंद हैं।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत मुशरिकीन (बहुदेववादियों) के उस बुरे रवैये का खुलासा करती है जो उन्होंने अल्लाह के बारे में अपनाया था। वे कहते थे कि फ़रिश्ते अल्लाह की बेटियाँ हैं, और इस तरह वे अल्लाह के लिए बेटियाँ ठहराते थे। यह उनकी अज्ञानता और गुमराही की सबसे बड़ी मिसाल थी कि वे अल्लाह के लिए वह चीज़ तय करते थे जिसे वे खुद अपने लिए पसंद नहीं करते थे। अरब के मुशरिकीन बेटियों को बहुत बुरा मानते थे, यहाँ तक कि उनमें से कुछ अपनी बेटियों को ज़िंदा दफ़न कर देते थे, लेकिन फिर भी वे अल्लाह के लिए बेटियाँ ठहराते थे। अल्लाह ने अपनी पाक ज़ात को उनके इस झूठे इल्ज़ाम से पाक और मुबर्रा बताया है, और फ़रमाया कि वह हर उस चीज़ से पाक है जो ये लोग उसके बारे में कहते हैं। वह बेटे और बेटी दोनों से पाक है, क्योंकि उसे किसी औलाद की ज़रूरत नहीं, वह हर कमी से मुक्त है। दूसरी तरफ़, ये लोग अपने लिए बेटों को चुनते थे, जो उनकी नज़र में इज़्ज़त और ताक़त का ज़रिया थे। यानी उन्होंने अल्लाह के लिए वह चुना जो वे खुद अपने लिए पसंद नहीं करते, और अपने लिए वह चुना जो वे पसंद करते हैं। यह उनका अत्यधिक अन्याय और अल्लाह के प्रति बेअदबी थी।
फ़ायदे (सबक़):
- अल्लाह की ज़ात हर उस चीज़ से पाक है जो इंसान उसके बारे में ग़लत ख़यालात बनाता है, चाहे वह औलाद हो या कोई और कमी।
- इंसान को चाहिए कि वह अल्लाह के लिए वही बात कहे जो अल्लाह ने खुद अपने बारे में बताई है, और उसके बारे में अपनी राय या ख़यालात न बनाए।
- यह आयत उन लोगों की गुमराही को बयान करती है जो अल्लाह के साथ किसी को शरीक करते हैं या उसकी सिफ़ात में कमी लाते हैं।
- अल्लाह की रहमत और क़ुदरत का यह तक़ाज़ा है कि हम उसकी तारीफ़ करें और उसे हर ऐब से पाक जानें, क्योंकि वही सच्चा मालिक और पालनहार है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि इंसान को अपने लिए वही पसंद करना चाहिए जो अल्लाह को पसंद है, और अल्लाह के लिए वही ठहराना चाहिए जो उसकी शान के लायक़ है।
📜 आयत 55-59 — अन-नहल
अनुवाद — अन-नहल 57
सूरा अन-नहल आयत 57 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ये लोग ख़ुदा के लिए बेटियाँ तजवीज़ करते हैं…सूरा आयत 57/128 — अन-नहल النحل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नहल सुनें, अन-नहल अनुवाद, अन-नहल mp3, अन-नहल pdf. आयत 55–59. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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