Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لا تشتروا: बदला मत लो, विकल्प मत बनाओ।
- بعهد الله: अल्लाह के वचन (अहद) को तोड़कर।
- ثمنًا قليلًا: थोड़ा सा मूल्य, यानी दुनिया का थोड़ा सा फायदा।
- عند الله: अल्लाह के पास जो (बदला) है।
- خير لكم: तुम्हारे लिए बेहतर है।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने बंदों को नसीहत करता है कि वे उसके वचन (अहद) को तोड़कर दुनिया का थोड़ा सा माल हासिल न करें। यानी जो लोग अल्लाह से किया हुआ वादा (जैसे ईमान, इबादत, या आपसी अहद) तोड़कर दुनिया का कोई मामूली फायदा पाना चाहते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि यह बहुत बुरा सौदा है। अल्लाह के पास जो बदला और इनाम है—चाहे वह दुनिया में मदद और कामयाबी हो या आख़िरत में जन्नत की नेमतें—वह इस थोड़े से दुनियावी फायदे से कहीं बेहतर और बड़ा है। अगर लोगों को सच्चा ज्ञान होता, तो वे इन दोनों चीज़ों के बीच फर्क को समझते और उस चीज़ को चुनते जो उनके लिए हमेशा रहने वाली भलाई है। यह आयत उन लोगों के बारे में भी है जो अपने वादों को तोड़कर दुनिया का मामूली सामान हासिल करते हैं, और उन्हें याद दिलाती है कि अल्लाह के पास जो कुछ है वही सच्चा और बेहतर है।
फ़ायदे (निष्कर्ष):
- वादे की पवित्रता: यह आयत सिखाती है कि अल्लाह से किया गया वादा (चाहे वह ईमान का हो या आपसी अहद का) बहुत पवित्र है। उसे तोड़ना बड़ा गुनाह है और दुनिया का कोई फायदा इसके बदले में नहीं लेना चाहिए।
- दुनिया की क़ीमत: दुनिया का माल और फायदा बहुत थोड़ा और फ़ानी है। इसे हासिल करने के लिए अपने ईमान या वादे को बेचना बुद्धिमानी नहीं है।
- आख़िरत की बेहतरी: अल्लाह के पास जो इनाम है—चाहे दुनिया में कामयाबी हो या आख़िरत में जन्नत—वह हर दुनियावी चीज़ से बेहतर है। मोमिन को हमेशा आख़िरत की भलाई को प्राथमिकता देनी चाहिए।
- ज्ञान की अहमियत: जो लोग सच्चा ज्ञान रखते हैं, वे दुनिया और आख़िरत के फर्क को समझते हैं और सही चुनाव करते हैं। ज्ञान इंसान को सही रास्ते पर चलाता है।
- अल्लाह पर भरोसा: यह आयत सिखाती है कि अल्लाह पर भरोसा रखें। जो चीज़ अल्लाह के पास है वह कभी खत्म नहीं होती, जबकि दुनिया की चीज़ें कुछ दिनों के लिए हैं।
📜 आयत 93-97 — सूरा अन-नहल
अनुवाद — अन-नहल 95
सूरा अन-नहल आयत 95 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ख़ुदा के एहदो पैमान के बदले थोड़ी क़ीमत (दुनयावी…सूरा आयत 95/128 — सूरा अन-नहल النحل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नहल सुनें, सूरा अन-नहल अनुवाद, सूरा अन-नहल mp3, सूरा अन-नहल pdf. आयत 93–97. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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