अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُزْجِي (युज़्जी): चलाना, संचालित करना, धीरे-धीरे ले जाना।
- الْفُلْكَ (अल-फुल्क): जहाज़, नौका।
- تَبْتَغُوا (तब्तग़ू): तलाश करना, खोजना।
- مِن فَضْلِهِ (मिन फ़ज़्लिही): उसकी कृपा से (रोज़ी, आजीविका)।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ लोगों! तुम्हारा रब वही है जो समुद्र में तुम्हारे लिए जहाज़ों को चलाता है। वह इन विशाल और भारी जहाज़ों को पानी की सतह पर इस तरह ले जाता है कि वे तुम्हें एक स्थान से दूसरे स्थान तक सुरक्षित पहुँचा देते हैं। यह सब इसलिए होता है ताकि तुम उसकी कृपा से अपनी रोज़ी कमा सको—व्यापार, यात्रा और विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के माध्यम से। अल्लाह ने यह सुविधा केवल इसलिए प्रदान की है क्योंकि वह तुम पर अत्यंत दयालु और कृपाशील है।
ज़रा सोचो—जब तुम समुद्र के विशाल और गहरे पानी में सफर करते हो, तो क्या तुम्हारे पास कोई और सहारा होता है? नहीं! केवल अल्लाह की दया और उसकी ताक़त ही है जो उन जहाज़ों को पानी पर तैराए रखती है और तुम्हें मंज़िल तक पहुँचाती है। यह अल्लाह की रहमत का जीता-जागता सबूत है। वह चाहता तो समुद्र को उग्र बना देता और जहाज़ तुम्हारे लिए बेकार हो जाते, लेकिन उसने अपनी दया से समुद्र को वश में कर रखा है और जहाज़ों को चलाने के साधन सिखाए हैं।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की रहमत हर जगह हमारे साथ है। वह हमारी ज़रूरतों को जानता है और उन्हें पूरा करने के साधन उपलब्ध कराता है। इसलिए हमें चाहिए कि हम उसका शुक्र अदा करें, उस पर भरोसा रखें और अपने कामों में उसकी मदद माँगते रहें। जब अल्लाह इतना दयालु है कि समुद्र में जहाज़ चलाने जैसी बड़ी सुविधा हमें देता है, तो क्या वह हमारी छोटी-छोटी ज़रूरतों का ख्याल नहीं रखेगा? ज़रूर रखेगा! बस हमें उस पर भरोसा करना चाहिए और उसकी दी हुई नेमतों का सही इस्तेमाल करना चाहिए।
यह आयत हमें यह भी बताती है कि इस्लाम रोज़ी कमाने और हलाल कमाई करने की तरग़ीब देता है। अल्लाह ने समुद्र को इंसान के लिए वश में किया है ताकि वह उसमें सफर करे और अपनी ज़रूरतें पूरी करे। यह एक बड़ी नेमत है, और नेमत का सही तरीक़ा यह है कि हम उसका शुक्र अदा करें और उसे अल्लाह की राह में इस्तेमाल करें।
📜 आयत 64-68 — अल-इसरा
अनुवाद — अल-इसरा 66
सूरा अल-इसरा आयत 66 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : लोगों) तुम्हारा परवरदिगार वह (क़ादिरे मुत्तलिक़) है जो तुम्हारे लिए…सूरा आयत 66/111 — अल-इसरा الإسراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-इसरा सुनें, अल-इसरा अनुवाद, अल-इसरा mp3, अल-इसरा pdf. आयत 64–68. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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