Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- जन्नत (जन्नत): बाग़, बग़ीचा
- नख़ील (नख़ील): खजूर के पेड़
- इनब (इनब): अंगूर
- तुफ़ज्जिर (तुफ़ज्जिर): बहा देना, जारी कर देना
- ख़िलालहा (ख़िलालहा): उसके बीचों-बीच, उसके भीतर
- तफ़्जीरन (तफ़्जीरन): अच्छी तरह बहाना, चीरकर बहा देना
तफ़सीर:
यह आयत उन मुशरिकीन का जवाब है जिन्होंने नबी करीम ﷺ से अजीब-ओ-ग़रीब माँगें रखीं। उन्होंने कहा कि हम तुम पर ईमान नहीं लाएँगे जब तक कि तुम हमारे लिए ये चमत्कार न कर दो। उन्हीं माँगों में से एक यह थी कि "या तो तुम्हारे पास खजूर और अंगूर का एक ऐसा बाग़ हो जिसके बीचों-बीच नहरें बहती हों।"
अल्लाह तआला ने इस आयत में उनकी यह माँग बयान की है। वे कहते थे कि हम उस आदमी की पैरवी कैसे करें जो हमारी तरह ही खाता-पीता है और बाज़ारों में चलता-फिरता है? अगर वह सच्चा नबी है तो उसे अपनी नबुव्वत के सुबूत में ये काम करके दिखाने चाहिए।
यह आयत उनके इसी रवैये की तरफ़ इशारा करती है। वे चाहते थे कि मुहम्मद ﷺ के पास खजूर और अंगूर का एक ऐसा शानदार बाग़ हो जिसके बीच से नदियाँ बहती हों। यानी उन्होंने दुनियावी आसाइश और माल-दौलत को नबुव्वत की शर्त बना दिया था, जबकि नबुव्वत अल्लाह की तरफ़ से बख़्शी जाने वाली चीज़ है, यह किसी की ज़ाती कमाई या दुनियावी हैसियत पर मुनहसिर नहीं।
इस आयत में अल्लाह तआला ने उनकी इन माँगों को बयान करके यह सबक़ सिखाया है कि ईमान का ताल्लुक़ दिल से होता है, न कि दुनियावी चमत्कारों और माल-दौलत से। अल्लाह के रसूल ﷺ की सबसे बड़ी निशानी क़ुरआन है, जो हमेशा के लिए ज़िंदा चमत्कार है। जो शख्स दिल की आँखों से देखना चाहे, उसके लिए क़ुरआन ही काफ़ी है।
और ईमान लाने वालों के लिए इस आयत में बड़ी नसीहत है कि वे दुनिया की चमक-दमक को कभी ईमान और दीन पर तरजीह न दें। असली कामयाबी अल्लाह की रज़ा और उसके रसूल की पैरवी में है, न कि खजूर और अंगूर के बाग़ों और बहती नहरों में।
📜 आयत 89-93 — सूरा अल-इसरा
अनुवाद — अल-इसरा 91
सूरा अल-इसरा आयत 91 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : या (ये नहीं तो) खजूरों और अंगूरों का तुम्हारा कोई…सूरा आयत 91/111 — सूरा अल-इसरा الإسراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-इसरा सुनें, सूरा अल-इसरा अनुवाद, सूरा अल-इसरा mp3, सूरा अल-इसरा pdf. आयत 89–93. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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