अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَفْجُرَ: तुम फोड़कर निकालो, बहा दो।
- يَنْبُوعًا: बहता हुआ चश्मा, जल का स्रोत।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब क़ुरआन के अलौकिक और अद्भुत प्रमाण ने मक्का के मुशरिकीन को निरुत्तर कर दिया और वे उसका मुक़ाबला करने में असमर्थ हो गए, तो उन्होंने हठधर्मिता और ज़िद की राह अपनाई। उन्होंने अपनी मनमानी इच्छाओं के अनुसार अलग-अलग चमत्कारों की माँगें करनी शुरू कर दीं। उन्होंने कहा: "ऐ मुहम्मद! हम आप पर कभी ईमान नहीं लाएँगे और न ही आपकी बात मानेंगे, जब तक कि आप हमारे लिए मक्का की धरती से एक ऐसा चश्मा नहीं फोड़ लाते जो लगातार बहता रहे और कभी सूखे नहीं।"
यह उनकी ओर से एक हठधर्मितापूर्ण माँग थी, जो उन्होंने सच्चाई को स्वीकार करने से बचने के लिए रखी थी। वे जानते थे कि रसूलुल्लाह ﷺ सच्चे नबी हैं, लेकिन उनका घमंड और अहंकार उन्हें ईमान लाने से रोक रहा था। अल्लाह तआला ने यह बात क़ुरआन में बयान की ताकि उनकी यह ज़िद और हठधर्मिता इतिहास के पन्नों में अमर हो जाए और आने वाली उम्मतों के लिए सबक बने।
दावती पहलू:
इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि इंसान जब सच्चाई के सामने हार मानने से इनकार करता है, तो वह बहाने बनाना शुरू कर देता है। लेकिन अल्लाह के रसूल ﷺ की सच्चाई के लिए यह काफी था कि वह कुरआन जैसा अद्भुत और चिरस्थायी चमत्कार लेकर आए, जो आज भी अपनी चुनौती पेश करता है। हमें चाहिए कि हम अपने दिलों को हठ और ज़िद से पाक करें और सच्चाई के सामने झुक जाएँ। अल्लाह तआला ने हमें अक्ल और समझ दी है ताकि हम उसकी निशानियों पर ग़ौर करें और ईमान लाएँ। याद रखिए, ईमान की मिठास उसी को मिलती है जो अपने अहंकार को छोड़कर अल्लाह के सामने सर झुका देता है। आइए, हम अपने नबी ﷺ की सुन्नत पर चलें और उनके लाए हुए पैग़ाम को दिल से क़बूल करें, क्योंकि यही हमारी दुनिया और आख़िरत की कामयाबी है।
📜 आयत 88-92 — अल-इसरा
अनुवाद — अल-इसरा 90
सूरा अल-इसरा आयत 90 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल कुफ्फार मक्के ने) तुमसे कहा कि जब तक…सूरा आयत 90/111 — अल-इसरा الإسراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-इसरा सुनें, अल-इसरा अनुवाद, अल-इसरा mp3, अल-इसरा pdf. आयत 88–92. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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