मरियम · 18/98
अनुवाद उच्चारण — सूरा मरियम
قَالَتْ إِنِّي أَعُوذُ بِالرَّحْمَٰنِ مِنكَ إِن كُنتَ تَقِيًّا ۝١٨
Qaalat inneee a`oozu bir Rahmaani minka in kunta taqiyyaa
📖 हिंदी अर्थ
(वह उसको देखकर घबराई और) कहने लगी अगर तू परहेज़गार है तो मैं तुझ से खुदा की पनाह माँगती हूँ

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أَعُوذُ: मैं पनाह माँगती हूँ, सुरक्षा चाहती हूँ।
  • بِالرَّحْمَٰنِ: रहमान (अत्यंत दयावान अल्लाह) की।
  • مِنكَ: तुझ से।
  • تَقِيًّا: परहेज़गार, अल्लाह से डरने वाला, नेक और मुत्तक़ी।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब हज़रत मरियम (अलैहिस्सलाम) ने जिब्रील (अलैहिस्सलाम) को एक भले-चंगे, सुंदर और सामान्य इंसान की शक्ल में अपनी तरफ़ आते देखा, तो वह घबरा गईं। उन्होंने तुरंत अल्लाह की पनाह माँगी और कहा: "मैं रहमान (अल्लाह) की पनाह में आती हूँ तुझ से। अगर तू अल्लाह से डरने वाला और परहेज़गार है, तो मुझ से दूर रह और मुझे छूने की कोशिश मत कर।"

यह एक बेहद पाक दिल और पाक दामन खातून का क़ौल है। उन्होंने किसी भी बुराई से बचने के लिए सबसे पहले अल्लाह का सहारा लिया। यह हमारे लिए एक बड़ा सबक़ है कि जब भी कोई ख़तरा या बुराई सामने आए, तो हमें सबसे पहले अल्लाह से पनाह माँगनी चाहिए। अल्लाह ही सबसे बड़ा रक्षक है और उसी की पनाह में इंसान महफ़ूज़ रहता है।

हज़रत मरियम (अलैहिस्सलाम) ने यह भी कहा: "अगर तू अल्लाह से डरता है..." — यानी एक सच्चे मुत्तक़ी इंसान की पहचान यह है कि वह अल्लाह की नाफ़रमानी से डरता है और उसकी इज़्ज़त और हुरमत का ख़याल रखता है। जिस दिल में अल्लाह का ख़ौफ़ होता है, वह कभी किसी की इज़्ज़त से खिलवाड़ नहीं करता।

यह आयत हमें सिखाती है कि पाकी और परहेज़गारी कितनी बड़ी नेमत है। हज़रत मरियम (अलैहिस्सलाम) की इस पाक दामनी की वजह से ही अल्लाह ने उन्हें इतना बुलंद मुक़ाम अता किया कि उन्हें हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) जैसे नबी की माँ बनने का शरफ़ हासिल हुआ। यह उन लोगों के लिए एक बहुत बड़ी ख़ुशख़बरी है जो अपनी इज़्ज़त और पाकी की हिफ़ाज़त करते हैं — अल्लाह उन्हें दुनिया और आख़िरत में इज़्ज़त देता है।

इस आयत से हमें यह भी सीख मिलती है कि बुराई से बचने के लिए इंसान को बोलने में भी अदब और हिकमत से काम लेना चाहिए। हज़रत मरियम (अलैहिस्सलाम) ने बहुत ही नर्म और मोहज़्ज़ब अंदाज़ में बात की, और साथ ही अपनी हिफ़ाज़त के लिए अल्लाह का ज़िक्र किया। यह एक मोमिना औरत के लिए बेहतरीन नमूना है।



📜 आयत 16-20 — सूरा मरियम

16وَاذْكُرْ فِي الْكِتَابِ مَرْيَمَ إِذِ انتَبَذَتْ مِنْ أَهْلِهَا مَكَانًا شَرْقِيًّا
और (ऐ रसूल) कुरान में मरियम का भी तज़किरा करो कि जब वह अपने लोगों से अलग होकर पूरब की तरफ़ वाले मकान में (गुस्ल के वास्ते) जा बैठें
17فَاتَّخَذَتْ مِن دُونِهِمْ حِجَابًا فَأَرْسَلْنَا إِلَيْهَا رُوحَنَا فَتَمَثَّلَ لَهَا بَشَرًا سَوِيًّا
फिर उसने उन लोगों से परदा कर लिया तो हमने अपनी रूह (जिबरील) को उन के पास भेजा तो वह अच्छे ख़ासे आदमी की सूरत बनकर उनके सामने आ खड़ा हुआ
18قَالَتْ إِنِّي أَعُوذُ بِالرَّحْمَٰنِ مِنكَ إِن كُنتَ تَقِيًّا
(वह उसको देखकर घबराई और) कहने लगी अगर तू परहेज़गार है तो मैं तुझ से खुदा की पनाह माँगती हूँ
19قَالَ إِنَّمَا أَنَا رَسُولُ رَبِّكِ لِأَهَبَ لَكِ غُلَامًا زَكِيًّا
(मेरे पास से हट जा) जिबरील ने कहा मैं तो साफ़ तुम्हारे परवरदिगार का पैग़मबर (फ़रिश्ता) हूँ ताकि तुमको पाक व पाकीज़ा लड़का अता करूँ
20قَالَتْ أَنَّىٰ يَكُونُ لِي غُلَامٌ وَلَمْ يَمْسَسْنِي بَشَرٌ وَلَمْ أَكُ بَغِيًّا
मरियम ने कहा मुझे लड़का क्योंकर हो सकता है हालाँकि किसी मर्द ने मुझे छुआ तक नहीं है औ मैं न बदकार हूँ
मरियमकुरान सूची
98आयत
मक्कीअवतरण स्थान
18आयत

अनुवाद — मरियम 18

सूरा मरियम आयत 18 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (वह उसको देखकर घबराई और) कहने लगी अगर तू परहेज़गार…

सूरा आयत 18/98 — सूरा मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा मरियम सुनें, सूरा मरियम अनुवाद, सूरा मरियम mp3, सूरा मरियम pdf. आयत 16–20. हिंदी अर्थ: اردو.





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Thursday, October 1, 2026

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