अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَوَهَبْنَا: हमने (अल्लाह ने) दिया / प्रदान किया।
- مِن رَّحْمَتِنَا: अपनी विशेष दया और कृपा से।
- أَخَاهُ هَارُونَ: उसका भाई हारून।
- نَبِيًّا: नबी (पैग़म्बर) बनाकर।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने अपने प्यारे नबी मूसा (अलैहिस्सलाम) पर बड़ा अनुग्रह किया और उनकी दुआ को क़बूल करते हुए उन्हें एक बड़ी नेमत अता की। जब मूसा (अलैहिस्सलाम) को फ़िरऔन के पास जाने का हुक्म हुआ, तो उन्होंने अपने रब से दुआ की कि मेरे भाई हारून को मेरा सहायक बना दे, ताकि वह मेरी बात को मज़बूत करे और इस कठिन काम में मेरा साथ दे। अल्लाह ने उनकी यह दुआ क़बूल फ़रमाई और अपनी असीम रहमत से उनके भाई हारून को नबी बनाकर उनका सहायक बना दिया।
यह अल्लाह की विशेष कृपा थी कि उसने मूसा (अलैहिस्सलाम) को अकेला नहीं छोड़ा, बल्कि उनके भाई को भी नबूवत का शरीफ़ मर्तबा देकर उनका साथी और मददगार बनाया। हारून (अलैहिस्सलाम) अपने भाई की बात को मज़बूत करते थे, उनके साथ मिलकर लोगों को अल्लाह की तरफ़ बुलाते थे और फ़िरऔन के सामने सच्चाई पेश करने में उनका पूरा साथ देते थे। यह इस बात का सबूत है कि अल्लाह अपने नेक बंदों की मदद करता है और उन्हें अकेला नहीं छोड़ता।
इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि अल्लाह से दुआ करना कितनी बड़ी नेमत है। मूसा (अलैहिस्सलाम) ने जो माँगा, अल्लाह ने उसे उससे बेहतर अंदाज़ में अता किया। हमें भी चाहिए कि अपनी ज़रूरतों के लिए अल्लाह ही से दुआ करें, क्योंकि वही सब कुछ करने पर क़ादिर है और अपने बंदों पर बड़ी रहमत करने वाला है। यह आयत मुसलमानों के लिए इस बात की तरग़ीब है कि वे अल्लाह पर भरोसा रखें और उसकी रहमत से कभी निराश न हों। अल्लाह की रहमत का दामन बहुत विस्तृत है, और वह अपने नेक बंदों को ऐसे तरीक़ों से मदद पहुँचाता है जिनका उन्हें अंदाज़ा भी नहीं होता।
📜 आयत 51-55 — मरियम
अनुवाद — मरियम 53
सूरा मरियम आयत 53 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने उन्हें अपनी ख़ास मेहरबानी से उनके भाई हारून…सूरा आयत 53/98 — मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मरियम सुनें, मरियम अनुवाद, मरियम mp3, मरियम pdf. आयत 51–55. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








