Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَرَضٌ (मरज़): बीमारी, यहाँ अर्थ है दिल का शक, संदेह और निफ़ाक़ (दोहरापन)।
- فَزَادَهُمُ اللهُ (फ़ज़ादहुमुल्लाह): तो अल्लाह ने उन्हें बढ़ा दिया।
- عَذَابٌ أَلِيمٌ (अज़ाबुन अलीम): दर्दनाक और तकलीफ़देह यातना।
- يَكْذِبُونَ (यकज़िबून): वे झूठ बोलते हैं (अल्लाह और उसके रसूल पर)।
तफ़सीर (व्याख्या):
इन मुनाफ़िक़ों (कपटियों) के दिलों में शक, संदेह और निफ़ाक़ की बीमारी है। यह बीमारी उनके अंदर पहले से मौजूद थी, और अल्लाह ने उन्हें उनके इसी बुरे रवैये और झूठ की सज़ा के तौर पर और अधिक शक और बीमारी में मुब्तला कर दिया। यानी जब वे सच्चाई को देखकर भी उसे नकारते रहे और अपने दिलों में संदेह पालते रहे, तो अल्लाह ने उनके दिलों को और कठोर कर दिया और उनका संदेह और बढ़ गया। यह अल्लाह की ओर से उनके लिए एक सज़ा है, क्योंकि वे अल्लाह और उसके रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के बारे में झूठ बोलते थे और लोगों के सामने ईमान का दिखावा करते थे, जबकि उनके दिलों में कुफ़्र था। उनके इसी झूठ और निफ़ाक़ की वजह से उनके लिए जहन्नम में दर्दनाक यातना तैयार की गई है, जो बहुत ही तकलीफ़देह होगी।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- दिल की बीमारी (शक, हसद, किन्ना, निफ़ाक़) सबसे बड़ी बीमारी है, जो इंसान को अल्लाह की राह से भटका देती है।
- अल्लाह की सज़ा का अंदाज़ यह है कि जब इंसान सच्चाई को जानबूझकर नकारता है, तो अल्लाह उसके दिल को और बंद कर देता है, जिससे वह और गुमराह हो जाता है।
- झूठ और धोखे की आदत इंसान को अल्लाह की रहमत से दूर कर देती है और उसे जहन्नम की ओर ले जाती है।
- मुनाफ़िक़ों का अंजाम बहुत बुरा है, क्योंकि वे दुनिया में तो मुसलमानों के साथ घुल-मिल जाते हैं, लेकिन आख़िरत में उन्हें सबसे ज़्यादा तकलीफ़देह अज़ाब मिलेगा।
- यह आयत हमें सिखाती है कि हमें अपने दिलों को हमेशा साफ़ रखना चाहिए, सच्चाई को कबूल करना चाहिए और झूठ, धोखे और दिखावे से बचना चाहिए, ताकि हम अल्लाह की नाराज़गी और उसकी सज़ा से महफ़ूज़ रहें।
📜 आयत 8-12 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 10
सूरा अल-बकरा आयत 10 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उनके दिलों में मर्ज़ था ही अब खुदा ने उनके…सूरा आयत 10/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 8–12. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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