Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَقُوا: मिले, सामना किया।
- خَلَوْا: अकेले में जाना, एकांत में होना।
- شَيَاطِينِهِمْ: उनके सरदार, नेता, या काफिरों के बड़े-बड़े प्रमुख।
- مُسْتَهْزِئُونَ: मज़ाक उड़ाने वाले, उपहास करने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
ये मुनाफ़िक़ (दिखावटी मुसलमान) जब ईमान वालों से मिलते हैं, तो अपनी ज़ुबान से कहते हैं: "हम भी तुम्हारी तरह ईमान लाए हैं, हम भी मुसलमान हैं।" वे यह बात सिर्फ़ दिखाने के लिए कहते हैं, ताकि मुसलमानों के बीच अपनी पहचान बनाए रखें और उनके हाथों किसी नुक़सान से बचे रहें। लेकिन जब वे मुसलमानों से अलग होकर अपने बड़ों और काफिर सरदारों के पास जाते हैं, जो उनके असली हमख़याल हैं, तो उनसे कहते हैं: "हम तो तुम्हारे साथ हैं, तुम्हारे ही दीन और तरीक़े पर क़ायम हैं। हमने मुसलमानों के सामने जो ईमान का इज़हार किया है, वह सिर्फ़ उनका मज़ाक उड़ाने और उन्हें धोखा देने के लिए है।" इस तरह वे अपने कुफ़्र और निफ़ाक़ (दोहरेपन) को छिपाकर दोनों तरफ़ बात बनाने की कोशिश करते हैं, जबकि उनका दिल हमेशा कुफ़्र और इस्लाम के दुश्मनों के साथ होता है।
फ़ायदे (सबक):
- यह आयत मुनाफ़िक़ों की पहचान बताती है कि वे ज़ुबान से ईमान का दावा करते हैं, लेकिन दिल से कुफ़्र पर डटे रहते हैं। इससे हमें सीख मिलती है कि हमें अपने दिल और ज़ुबान को एक करना चाहिए — जो दिल में हो वही ज़ुबान पर हो।
- मुसलमानों को चाहिए कि वे दिखावे और रियाकारी से बचें और अपने ईमान को सच्चाई के साथ जिएँ, क्योंकि अल्लाह हर दिल का हाल जानता है और छिपी हुई बातों से भी वाक़िफ़ है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि दुनिया में कुछ लोग दोस्ती और दुश्मनी में दोहरा रवैया अपनाते हैं, लेकिन अल्लाह की नज़र में उनका असली चेहरा साफ़ है। इसलिए हमें सिर्फ़ अल्लाह की रज़ा के लिए काम करना चाहिए, न कि लोगों को खुश करने के लिए।
- इस आयत से यह भी पता चलता है कि इस्लाम सच्चाई और स्पष्टता का दीन है — यहाँ न तो धोखे की गुंजाइश है और न ही दिखावे की। एक सच्चा मुसलमान वही है जो अपने ईमान को दिल से अपनाए और उस पर अमल करे।
📜 आयत 12-16 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 14
सूरा अल-बकरा आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जब उन लोगों से मिलते हैं जो ईमान ला…सूरा आयत 14/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 29, 2026
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