अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْحَقُّ: सत्य, वास्तविकता, जो किसी भी संदेह से परे हो।
- مِن رَّبِّكَ: तुम्हारे पालनहार की ओर से।
- الْمُمْتَرِينَ: संदेह करने वाले, शक करने वाले लोग।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह सत्य — जो कुछ भी तुम्हें दिया गया है, चाहे वह क़ुरआन हो या वह ज्ञान और मार्गदर्शन जो तुम्हें प्राप्त हुआ है — तुम्हारे पालनहार की ओर से है। यह कोई मानवीय रचना नहीं, कोई कल्पना नहीं, और न ही कोई मिथ्या बात है। यह परम सत्य है जो स्वयं अल्लाह की ओर से उतरा है। इसलिए ऐ नबी! तुम उन लोगों में से मत बनो जो इस सत्य में संदेह करते हैं। यद्यपि यह आदेश सीधे तौर पर पैगंबर ﷺ को संबोधित है, लेकिन इसका उद्देश्य उनकी उम्मत को भी शिक्षा देना है — कि वे भी इस सत्य पर दृढ़ रहें और किसी भी प्रकार के संदेह या भ्रम में न पड़ें। यहाँ संदेह से तात्पर्य उस शक से है जो हृदय में पैदा होता है और आस्तिकता को कमज़ोर कर देता है। यह आयत एक पुख्ता घोषणा है कि जो कुछ अल्लाह की ओर से आया है, वही सत्य है, और उसके अलावा जो कुछ भी है, वह असत्य और भ्रम है।
फ़ायदे (लाभ):
- इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि सत्य का स्रोत केवल अल्लाह है। जो भी अल्लाह की ओर से आया है, वही सच्चा और स्थायी है, चाहे दुनिया की राय कुछ भी हो।
- यह आयत मुसलमान को दृढ़ विश्वास और यक़ीन की शिक्षा देती है — कि वह किसी भी परिस्थिति में अपने धर्म और क़ुरआन के प्रति संदेह न पाले, क्योंकि संदेह ईमान को कमज़ोर कर देता है।
- यहाँ अल्लाह ने अपने नबी को भी संबोधित करते हुए यह सिखाया कि सत्य पर अडिग रहना कितना महत्वपूर्ण है। यह हमें बताता है कि सबसे बड़ा नेक काम यह है कि इंसान सत्य को पहचाने और उस पर स्थिर रहे, चाहे उसे अकेलेपन या विरोध का सामना ही क्यों न करना पड़े।
- यह आयत मुसलमान को यह भी सिखाती है कि वह अपने ज्ञान और समझ को अल्लाह की वही (प्रकाशना) पर आधारित करे, न कि केवल अपनी बुद्धि या दूसरों की राय पर, क्योंकि सच्चा मार्गदर्शन तो अल्लाह की ओर से ही है।
- अंत में, यह आयत हमें आश्वस्त करती है कि इस्लाम का हर सिद्धांत, हर आदेश और हर शिक्षा सत्य पर आधारित है — इसलिए इसे अपनाने में कोई झिझक या शक नहीं होना चाहिए। यही वह रास्ता है जो दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी की ओर ले जाता है।
📜 आयत 145-149 — अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 147
सूरा अल-बकरा आयत 147 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ रसूल तबदीले क़िबला तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से हक़…सूरा आयत 147/286 — अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बकरा सुनें, अल-बकरा अनुवाद, अल-बकरा mp3, अल-बकरा pdf. आयत 145–149. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








