ताहा · 52/135
अनुवाद उच्चारण — ताहा
قَالَ عِلْمُهَا عِندَ رَبِّي فِي كِتَابٍ ۖ لَّا يَضِلُّ رَبِّي وَلَا يَنسَى ۝٥٢
Qaala `ilmuhaa `inda Rabee fee kitaab, laa yadillu Rabbee wa laa yansaa
📖 हिंदी अर्थ
मूसा ने कहा इन बातों का इल्म मेरे परवरदिगार के पास एक किताब (लौहे महफूज़) में (लिखा हुआ) है मेरा परवरदिगार न बहकता है न भूलता है
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • عِلْمُهَا – उन (पिछली उम्मतों) का ज्ञान
  • فِي كِتَابٍ – लौह-ए-महफूज़ (सुरक्षित पुस्तक) में
  • لَا يَضِلُّ – न तो भटकता है (न गलती करता है)
  • وَلَا يَنْسَى – और न भूलता है

तफ़सीर:

जब फ़िरऔन ने हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) से पिछली उम्मतों के हालात के बारे में पूछा, तो आपने बड़े ही अदब और हिकमत के साथ जवाब दिया। आपने फ़रमाया कि इन सब चीज़ों का ज्ञान मेरे पास नहीं है, बल्कि यह सब मेरे रब के पास लौह-ए-महफूज़ में दर्ज है। अल्लाह तआला ने हर चीज़ को अपने इल्म से घेर रखा है और सब कुछ उसकी तरफ़ से लिखा हुआ है।

फिर आपने अल्लाह की दो बेहतरीन सिफ़ात (गुणों) का ज़िक्र किया — एक यह कि अल्लाह न तो कभी भटकता है और न ही उससे कोई गलती होती है, और दूसरा यह कि वह कभी नहीं भूलता। यानी अल्लाह का इल्म हर चीज़ को शामिल है, न उसमें कोई कमी आती है और न वह किसी चीज़ को भूलता है। यह अल्लाह की सिफ़ात-ए-कमाली (पूर्ण गुणों) में से हैं — उसका इल्म हर ज़र्रे तक पहुँचा हुआ है, और उसकी हिफ़ाज़त में सब कुछ महफूज़ है।

इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि जब हमें किसी चीज़ का इल्म न हो, तो हमें अल्लाह की तरफ़ रुजू करना चाहिए, क्योंकि सारा इल्म उसी के पास है। अल्लाह ने हर चीज़ को अपने इल्म में घेर रखा है, और क़यामत के दिन वह हर इंसान को उसके अमल का पूरा-पूरा हिसाब देगा। जो लोग अल्लाह की इबादत से मुँह मोड़ते हैं, वह उन्हें सज़ा देगा, और जो उस पर ईमान लाए और नेक अमल करे, उसे पूरा बदला अता करेगा। यह अल्लाह का इन्साफ़ और उसकी रहमत है कि उसने अपने बंदों के लिए यह किताब (क़ुरआन) उतारी, जिसमें हर चीज़ का बयान है, ताकि हम सीधी राह पा सकें और उसकी रहमत के हक़दार बन सकें।

🎧 सुनें

📜 आयत 50-54 — ताहा

50قَالَ رَبُّنَا الَّذِي أَعْطَىٰ كُلَّ شَيْءٍ خَلْقَهُ ثُمَّ هَدَىٰ
मूसा ने कहा हमारा परवरदिगार वह है जिसने हर चीज़ को उसके (मुनासिब) सूरत अता फरमाई
51قَالَ فَمَا بَالُ الْقُرُونِ الْأُولَىٰ
फिर उसी ने ज़िन्दगी बसर करने के तरीक़े बताए फिरऔन ने पूछा भला अगले लोगों का हाल (तो बताओ) कि क्या हुआ
52قَالَ عِلْمُهَا عِندَ رَبِّي فِي كِتَابٍ ۖ لَّا يَضِلُّ رَبِّي وَلَا يَنسَى
मूसा ने कहा इन बातों का इल्म मेरे परवरदिगार के पास एक किताब (लौहे महफूज़) में (लिखा हुआ) है मेरा परवरदिगार न बहकता है न भूलता है
53الَّذِي جَعَلَ لَكُمُ الْأَرْضَ مَهْدًا وَسَلَكَ لَكُمْ فِيهَا سُبُلًا وَأَنزَلَ مِنَ السَّمَاءِ مَاءً فَأَخْرَجْنَا بِهِ أَزْوَاجًا مِّن نَّبَاتٍ شَتَّىٰ
वह वही है जिसने तुम्हारे (फ़ायदे के) वास्ते ज़मीन को बिछौना बनाया और तुम्हारे लिए उसमें राहें निकाली और उसी ने आसमान से पानी बरसाया फिर (खुदा फरमाता है कि) हम ही ने उस पानी के ज़रिए से मुख्तलिफ़ क़िस्मों की घासे निकाली
54كُلُوا وَارْعَوْا أَنْعَامَكُمْ ۗ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَاتٍ لِّأُولِي النُّهَىٰ
(ताकि) तुम खुद भी खाओ और अपने चारपायों को भी चराओ कुछ शक नहीं कि इसमें अक्लमन्दों के वास्ते (क़ुदरते खुदा की) बहुत सी निशानियाँ हैं
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अनुवाद — ताहा 52

सूरा ताहा आयत 52 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मूसा ने कहा इन बातों का इल्म मेरे परवरदिगार के…

सूरा आयत 52/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 50–54. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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