ताहा · 68/135
अनुवाद उच्चारण — सूरा ताहा
قُلْنَا لَا تَخَفْ إِنَّكَ أَنتَ الْأَعْلَىٰ ۝٦٨
Qulnaa laa takhaf innaka antal a`laa
📖 हिंदी अर्थ
हमने कहा (मूसा) इस से डरो नहीं यक़ीनन तुम ही वर रहोगे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • لا تَخَفْ: डरो मत, भय मत करो।
  • إِنَّكَ أَنتَ الْأَعْلَى: निश्चय ही तुम ही सर्वोच्च हो, अर्थात तुम ही ग़ालिब (विजयी) और प्रभावशाली हो।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपनी लाठी फेंकी और वह एक विशाल अजगर बन गई, तो जादूगरों ने भी अपनी रस्सियाँ और लाठियाँ फेंक दीं। उनके जादू के प्रभाव से ऐसा प्रतीत हुआ जैसे सारी ज़मीन साँपों से भर गई हो। यह दृश्य इतना भयावह था कि हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) के दिल में स्वाभाविक रूप से डर पैदा हो गया।

उसी क्षण अल्लाह तआला ने अपने नबी को संबोधित करते हुए फ़रमाया: "डरो मत, निश्चय ही तुम ही सर्वोच्च हो।"

यह अल्लाह की ओर से एक ऐसा आश्वासन था जिसने हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) के दिल को पूर्ण शांति प्रदान कर दी। अल्लाह ने उन्हें यह यक़ीन दिलाया कि ये सब जादूगरों का खेल है, और सच्चाई की शक्ति के आगे झूठ कभी टिक नहीं सकता। तुम्हारा साथ अल्लाह का है, और अल्लाह की मदद से तुम ही ग़ालिब रहोगे, चाहे जादूगर कितनी भी तरकीबें क्यों न अपनाएँ।

यह आयत हमें सिखाती है कि जब इंसान अल्लाह पर भरोसा करता है, तो अल्लाह उसे ऐसा दिल और हौसला देता है जो हर मुश्किल का सामना कर सके। हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) अकेले थे, लेकिन उनके साथ अल्लाह की ताक़त थी, और जादूगरों की भारी भीड़ के बावजूद सच्चाई ने झूठ को मात दे दी।

इस आयत से हमें यह भी सीख मिलती है कि जीवन में कभी-कभी हालात इतने भयावह हो जाते हैं कि इंसान घबरा जाता है, लेकिन अल्लाह का वादा है कि जो लोग उस पर भरोसा करते हैं, वह उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ता। अल्लाह की मदद सच्चे मोमिन के साथ होती है, और अंततः सच्चाई की ही जीत होती है। यही इस आयत का सबसे बड़ा संदेश है — कि अल्लाह पर भरोसा रखो, डरो मत, क्योंकि अल्लाह के साथ होने पर तुम ही सर्वोच्च हो।



📜 आयत 66-70 — सूरा ताहा

66قَالَ بَلْ أَلْقُوا ۖ فَإِذَا حِبَالُهُمْ وَعِصِيُّهُمْ يُخَيَّلُ إِلَيْهِ مِن سِحْرِهِمْ أَنَّهَا تَسْعَىٰ
मूसा ने कहा (मैं नहीं डालूँगा) बल्कि तुम ही पहले डालो (ग़रज़ उन्होंने अपने करतब दिखाए) तो बस मूसा को उनके जादू (के ज़ोर से) ऐसा मालूम हुआ कि उनकी रस्सियाँ और उनकी छड़ियाँ दौड़ रही हैं
67فَأَوْجَسَ فِي نَفْسِهِ خِيفَةً مُّوسَىٰ
तो मूसा ने अपने दिल में कुछ दहशत सी पाई
68قُلْنَا لَا تَخَفْ إِنَّكَ أَنتَ الْأَعْلَىٰ
हमने कहा (मूसा) इस से डरो नहीं यक़ीनन तुम ही वर रहोगे
69وَأَلْقِ مَا فِي يَمِينِكَ تَلْقَفْ مَا صَنَعُوا ۖ إِنَّمَا صَنَعُوا كَيْدُ سَاحِرٍ ۖ وَلَا يُفْلِحُ السَّاحِرُ حَيْثُ أَتَىٰ
और तुम्हारे दाहिने हाथ में जो (लाठी) है उसे डाल तो दो कि जो करतब उन लोगों ने की है उसे हड़प कर जाए क्योंकि उन लोगों ने जो कुछ करतब की वह एक जादूगर की करतब है और जादूगर जहाँ जाए कामयाब नहीं हो सकता
70فَأُلْقِيَ السَّحَرَةُ سُجَّدًا قَالُوا آمَنَّا بِرَبِّ هَارُونَ وَمُوسَىٰ
(ग़रज मूसा की लाटी ने) सब हड़प कर लिया (ये देखते ही) वह सब जादूगर सजदे में गिर पड़े (और कहने लगे) कि हम मूसा और हारून के परवरदिगार पर ईमान ले आए
ताहाकुरान सूची
135आयत
मक्कीअवतरण स्थान
68आयत

अनुवाद — ताहा 68

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Friday, October 2, 2026

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