ताहा · 67/135
अनुवाद उच्चारण — ताहा
فَأَوْجَسَ فِي نَفْسِهِ خِيفَةً مُّوسَىٰ ۝٦٧
Fa awjasa fee nafsihee kheefatam Moosa
📖 हिंदी अर्थ
तो मूसा ने अपने दिल में कुछ दहशत सी पाई

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • فَأَوْجَسَ – अपने मन में छिपा लिया, महसूस किया
  • خِيفَةً – डर, भय
  • مُوسَىٰ – पैगंबर मूसा (अलैहिस्सलाम)

तफ़सीर:

जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने जादूगरों से कहा कि पहले तुम अपना जादू दिखाओ, तो उन्होंने अपनी रस्सियाँ और लाठियाँ फेंक दीं। उनके उस शक्तिशाली जादू के कारण ऐसा प्रतीत हुआ जैसे वे रस्सियाँ और लाठियाँ साँप बनकर दौड़ रही हैं। यह दृश्य इतना भयावह था कि हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) के दिल में स्वाभाविक रूप से एक मानवीय डर पैदा हो गया, क्योंकि वे भी इंसान थे और उन्होंने सोचा कि ये साँप उनकी ओर बढ़ रहे हैं। यह डर उन्होंने अपने दिल में छिपा लिया, बाहर प्रकट नहीं किया।

यहाँ से हमें सीख मिलती है कि डर और घबराहट इंसान की स्वाभाविक कमज़ोरी है, लेकिन असली बात यह है कि इंसान अल्लाह पर भरोसा रखे और उसकी मदद माँगे। हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) को यह डर इसलिए हुआ क्योंकि वे एक इंसान थे, लेकिन अल्लाह ने उन्हें तुरंत सुकून दिया और उन्हें यक़ीन दिलाया कि सच्चाई और ईमान की ताक़त हमेशा जादू और झूठ पर भारी रहती है। यह हमारे लिए एक बड़ा सबक़ है कि मुश्किल घड़ी में अल्लाह पर भरोसा रखें, क्योंकि अल्लाह अपने नेक बंदों को कभी अकेला नहीं छोड़ता। जब सच्चाई के साथ होते हैं, तो अल्लाह की मदद ज़रूर आती है, चाहे हालात कितने भी भयावह क्यों न हों।



📜 आयत 65-69 — ताहा

65قَالُوا يَا مُوسَىٰ إِمَّا أَن تُلْقِيَ وَإِمَّا أَن نَّكُونَ أَوَّلَ مَنْ أَلْقَىٰ
ग़रज़ जादूगरों ने कहा (ऐ मूसा) या तो तुम ही (अपने जादू) फेंको और या ये कि पहले जो जादू फेंके वह हम ही हों
66قَالَ بَلْ أَلْقُوا ۖ فَإِذَا حِبَالُهُمْ وَعِصِيُّهُمْ يُخَيَّلُ إِلَيْهِ مِن سِحْرِهِمْ أَنَّهَا تَسْعَىٰ
मूसा ने कहा (मैं नहीं डालूँगा) बल्कि तुम ही पहले डालो (ग़रज़ उन्होंने अपने करतब दिखाए) तो बस मूसा को उनके जादू (के ज़ोर से) ऐसा मालूम हुआ कि उनकी रस्सियाँ और उनकी छड़ियाँ दौड़ रही हैं
67فَأَوْجَسَ فِي نَفْسِهِ خِيفَةً مُّوسَىٰ
तो मूसा ने अपने दिल में कुछ दहशत सी पाई
68قُلْنَا لَا تَخَفْ إِنَّكَ أَنتَ الْأَعْلَىٰ
हमने कहा (मूसा) इस से डरो नहीं यक़ीनन तुम ही वर रहोगे
69وَأَلْقِ مَا فِي يَمِينِكَ تَلْقَفْ مَا صَنَعُوا ۖ إِنَّمَا صَنَعُوا كَيْدُ سَاحِرٍ ۖ وَلَا يُفْلِحُ السَّاحِرُ حَيْثُ أَتَىٰ
और तुम्हारे दाहिने हाथ में जो (लाठी) है उसे डाल तो दो कि जो करतब उन लोगों ने की है उसे हड़प कर जाए क्योंकि उन लोगों ने जो कुछ करतब की वह एक जादूगर की करतब है और जादूगर जहाँ जाए कामयाब नहीं हो सकता
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अनुवाद — ताहा 67

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Tuesday, August 18, 2026

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