Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَأَوْجَسَ – अपने मन में छिपा लिया, महसूस किया
- خِيفَةً – डर, भय
- مُوسَىٰ – पैगंबर मूसा (अलैहिस्सलाम)
तफ़सीर:
जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने जादूगरों से कहा कि पहले तुम अपना जादू दिखाओ, तो उन्होंने अपनी रस्सियाँ और लाठियाँ फेंक दीं। उनके उस शक्तिशाली जादू के कारण ऐसा प्रतीत हुआ जैसे वे रस्सियाँ और लाठियाँ साँप बनकर दौड़ रही हैं। यह दृश्य इतना भयावह था कि हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) के दिल में स्वाभाविक रूप से एक मानवीय डर पैदा हो गया, क्योंकि वे भी इंसान थे और उन्होंने सोचा कि ये साँप उनकी ओर बढ़ रहे हैं। यह डर उन्होंने अपने दिल में छिपा लिया, बाहर प्रकट नहीं किया।
यहाँ से हमें सीख मिलती है कि डर और घबराहट इंसान की स्वाभाविक कमज़ोरी है, लेकिन असली बात यह है कि इंसान अल्लाह पर भरोसा रखे और उसकी मदद माँगे। हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) को यह डर इसलिए हुआ क्योंकि वे एक इंसान थे, लेकिन अल्लाह ने उन्हें तुरंत सुकून दिया और उन्हें यक़ीन दिलाया कि सच्चाई और ईमान की ताक़त हमेशा जादू और झूठ पर भारी रहती है। यह हमारे लिए एक बड़ा सबक़ है कि मुश्किल घड़ी में अल्लाह पर भरोसा रखें, क्योंकि अल्लाह अपने नेक बंदों को कभी अकेला नहीं छोड़ता। जब सच्चाई के साथ होते हैं, तो अल्लाह की मदद ज़रूर आती है, चाहे हालात कितने भी भयावह क्यों न हों।
📜 आयत 65-69 — सूरा ताहा
अनुवाद — ताहा 67
सूरा ताहा आयत 67 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो मूसा ने अपने दिल में कुछ दहशत सी पाईसूरा आयत 67/135 — सूरा ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ताहा सुनें, सूरा ताहा अनुवाद, सूरा ताहा mp3, सूरा ताहा pdf. आयत 65–69. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा ताहा
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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