Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- لَا يُسْأَلُ – नहीं पूछा जाता
- عَمَّا يَفْعَلُ – उस काम के बारे में जो वह करता है
- وَهُمْ يُسْأَلُونَ – और वे (सब) पूछे जाएँगे
तफ़सीर:
अल्लाह तआला अपनी महानता, अपने इल्म और अपनी हिकमत में अकेला है। वह जो कुछ भी करता है, उस पर किसी का कोई सवाल नहीं उठता, न कोई उसे रोक सकता है और न उसके फ़ैसले पर कोई आपत्ति कर सकता है। क्योंकि वही सृष्टि का स्वामी है, वही पालनहार है, और उसका हर काम हिकमत, अदल और भलाई पर आधारित है। वह जो चाहता है, अपने मुल्क में करता है, और उसका हर फ़ैसला ठीक और सही होता है। उससे उसके कामों के बारे में पूछताछ नहीं हो सकती, क्योंकि वह सबसे ऊपर है, सबसे बुद्धिमान है, और उसकी मर्ज़ी ही सर्वोच्च है।
लेकिन उसके सभी बंदे—चाहे वे इंसान हों, फ़रिश्ते हों या जिन्न—हर एक से उसके कर्मों के बारे में पूछा जाएगा। क़ियामत के दिन हर आत्मा से उसके अमल का हिसाब लिया जाएगा। उनसे पूछा जाएगा कि उन्होंने अपनी ज़िंदगी कैसे बिताई, अपने अंगों का इस्तेमाल किस तरह किया, और अल्लाह की दी हुई नेमतों का शुक्र कैसे अदा किया। यह अल्लाह का पूरा इंसाफ़ है कि वह अपने बंदों से उनके कामों का हिसाब लेगा, क्योंकि वे कमज़ोर हैं, उनमें ख़ता और भूल की गुंजाइश है, और उनके कामों में अक्सर कमियाँ और ख़राबियाँ होती हैं।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की कुदरत और उसके फ़ैसलों पर पूरा भरोसा रखें। जब हमें कोई बात समझ न आए, कोई मुसीबत आए, या कोई तक़दीर का फ़ैसला हमारी समझ से परे लगे, तो हमें याद रखना चाहिए कि अल्लाह जो करता है, उसमें हिकमत होती है। हमें उस पर सवाल नहीं उठाना चाहिए, बल्कि सब्र और रज़ा (संतोष) के साथ उसे क़बूल करना चाहिए। और साथ ही, यह भी याद रखें कि हमें अपने हर काम का हिसाब देना है, इसलिए अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक बनाएँ, उसकी इबादत करें, और उसके बताए रास्ते पर चलें। यही हमारी कामयाबी है, और यही हमारी नजात का ज़रिया है।
📜 आयत 21-25 — सूरा अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 23
सूरा अल-अंबिया आयत 23 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो कुछ वह करता है उसकी पूछगछ नहीं हो सकतीसूरा आयत 23/112 — सूरा अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अंबिया सुनें, सूरा अल-अंबिया अनुवाद, सूरा अल-अंबिया mp3, सूरा अल-अंबिया pdf. आयत 21–25. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अंबिया
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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