अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- رِجَالًا: पुरुष (मर्द), इंसान।
- نُّوحِي إِلَيْهِمْ: हम उनकी ओर वह्य (प्रकाशना) भेजते हैं।
- أَهْلَ الذِّكْرِ: ज्ञान रखने वाले लोग, यानी पहले की किताबों (तौरात, इंजील) के विद्वान।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आपसे पहले हमने जितने भी रसूल भेजे, वे सभी इंसान ही थे — फ़रिश्ते नहीं। वे सामान्य मनुष्य थे, लेकिन हम उन पर अपना पैग़ाम (वह्य) उतारते थे। यह अल्लाह की सुन्नत (रीति) रही है कि वह हमेशा इंसानों में से ही अपने पैग़म्बर चुनता है, ताकि वे लोगों के साथ रहकर उनकी भाषा में उन्हें समझा सकें और उनके जीवन का उदाहरण बन सकें।
अब ऐ मक्का के काफ़िरों! अगर तुम्हें यह बात मालूम नहीं कि अल्लाह के रसूल हमेशा इंसान ही होते हैं, तो उन लोगों से पूछ लो जिन्हें पहले की किताबों (तौरात और इंजील) का ज्ञान है। वे तुम्हें बता देंगे कि मूसा, ईसा और दूसरे नबी — सब इंसान ही थे। यह कोई नई बात नहीं है जो तुम्हें अजीब लगे।
दावत (नसीहत):
यह आयत हमें सिखाती है कि इस्लाम एक ऐसा दीन है जो अक्ल और इल्म को बहुत अहमियत देता है। अल्लाह तआला हमें हिदायत देते हैं कि जब हमें कोई बात न आती हो, तो हमें उन लोगों से पूछना चाहिए जिन्हें इल्म हासिल है। यही वजह है कि इस्लाम में इल्म हासिल करने की बहुत ताकीद की गई है। और सबसे बड़ी बात यह कि हमारे प्यारे नबी ﷺ भी एक इंसान थे — खाना खाते थे, बाज़ार जाते थे, और लोगों के साथ रहते थे। लेकिन उन पर अल्लाह की वह्य उतरती थी, जो उन्हें दूसरों से अलग करती थी। यह हमारे लिए सबसे बड़ी रहमत है कि हमारा रसूल इंसान है, ताकि हम उनकी सीरत (जीवन) को देखकर उन पर अमल कर सकें। क्या ही खूबसूरत बात है कि हमारा दीन हमें इल्म की तरफ बुलाता है और हमें जाहिल बनाकर नहीं रखता! आओ, हम भी इल्म हासिल करें और अपने दीन को समझें, ताकि हम सही रास्ते पर चल सकें।
📜 आयत 5-9 — अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 7
सूरा अल-अंबिया आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो क्या ये लोग ईमान लाएँगे और ऐ रसूल हमने…सूरा आयत 7/112 — अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंबिया सुनें, अल-अंबिया अनुवाद, अल-अंबिया mp3, अल-अंबिया pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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