अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَكَذَّبُوهُمَا – उन दोनों (हज़रत मूसा और हज़रत हारून अलैहिमुस्सलाम) को झुठलाया।
- فَكَانُوا مِنَ الْمُهْلَكِينَ – तो वे हलाक (विनष्ट) होने वालों में से हो गए।
तफ़सीर:
इस आयत में अल्लाह तआला फ़िरऔन और उसकी क़ौम का हाल बयान फ़रमा रहा है कि जब हज़रत मूसा और हज़रत हारून (अलैहिमुस्सलाम) ने उन्हें अल्लाह का पैग़ाम पहुँचाया और सच्चे दीन की दावत दी, तो उन लोगों ने न सिर्फ़ उन दोनों को झुठलाया, बल्कि उनके लाए हुए स्पष्ट चमत्कारों (मो'जिज़ात) को भी जादू कहकर खारिज कर दिया। उन्होंने हक़ को नकारने और सरकशी पर अड़े रहने की कीमत चुकाई — वे अल्लाह के अज़ाब के हक़दार बने और समुद्र में डूबकर हलाक कर दिए गए।
यह अल्लाह का क़ानून है कि जब कोई क़ौम अपने नबियों को झुठलाती है और हिदायत के बावजूद ज़ुल्म और इनकार पर डटी रहती है, तो अल्लाह की पकड़ उन्हें आ घेरती है। फ़िरऔन और उसकी फ़ौजें, जो अपनी ताक़त और सल्तनत पर इतराती थीं, आख़िरकार उसी समुद्र में ग़र्क हो गईं जिसे उन्होंने अपने लिए रास्ता समझा था — और यह उनके लिए इतिहास का सबसे बड़ा सबक़ बन गया।
इस आयत से हमें सीख मिलती है कि अल्लाह के रसूलों की दावत को झुठलाना और उनके मुक़ाबले में अकड़ दिखाना बर्बादी का रास्ता है। जो लोग हक़ को नकारते हैं, वे दुनिया में भी रुसवा होते हैं और आख़िरत में भी सख़्त अज़ाब का सामना करेंगे। अल्लाह तआला हमें हक़ को क़बूल करने और नबियों की पैरवी करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 46-50 — अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 48
सूरा अल-मोमिनुन आयत 48 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : गरज़ उन लोगों ने इन दोनों को झुठलाया तो आख़िर…सूरा आयत 48/118 — अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मोमिनुन सुनें, अल-मोमिनुन अनुवाद, अल-मोमिनुन mp3, अल-मोमिनुन pdf. आयत 46–50. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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