अन-नूर · 25/64
अनुवाद उच्चारण — अन-नूर
يَوْمَئِذٍ يُوَفِّيهِمُ اللَّهُ دِينَهُمُ الْحَقَّ وَيَعْلَمُونَ أَنَّ اللَّهَ هُوَ الْحَقُّ الْمُبِينُ ۝٢٥
Yawma`iziny yuwaf feehimul laahu deenahumul haqqa wa ya`lamoona annal laaha Huwal Haqqul Mubeen
📖 हिंदी अर्थ
उस दिन ख़ुदा उनको ठीक उनका पूरा पूरा बदला देगा और जान जाएँगें कि ख़ुदा बिल्कुल बरहक़ और (हक़ का) ज़ाहिर करने वाला है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • يُوَفِّيهِمْ – उन्हें पूरा-पूरा अदा करेगा।
  • دِينَهُمُ – उनका बदला (जज़ा)।
  • الْحَقُّ – सत्य, जो न्याय और इंसाफ़ पर आधारित हो।
  • الْمُبِينُ – स्पष्ट, ज़ाहिर और हर शक से पाक।

तफ़सीर:

उस दिन अल्लाह तआला उन्हें उनका पूरा-पूरा बदला अदा करेगा – नेकी का बदला नेकी से और बुराई का बदला उसके अनुसार – बिल्कुल अदल और इंसाफ़ के साथ। कोई भी व्यक्ति ज़र्रा बराबर भी ज़ुल्म नहीं पाएगा। उस वक़्त हर शख्स को यह बात साफ़ और यक़ीनी हो जाएगी कि अल्लाह ही सत्य है, उसकी हर बात सच है, उसका वादा सच है, उसकी धमकी सच है, और उसका हर फ़ैसला हक़ और इंसाफ़ पर आधारित है। उस दिन हर पर्दा उठ जाएगा और लोग अपनी आँखों से देख लेंगे कि अल्लाह ही सबसे बड़ा सत्य है, जिसमें किसी तरह का कोई शक या भ्रम नहीं।

यह आयत हमें बताती है कि यह दुनिया इम्तिहान की जगह है, और अल्लाह ने हर अच्छे या बुरे अमल का बदला अपने पास रख छोड़ा है। जो लोग दुनिया में अल्लाह के दीन को भूलकर अपनी मनमानी करते हैं, उनके लिए उस दिन पछतावे के सिवा कुछ नहीं होगा। लेकिन जो लोग अल्लाह पर ईमान लाए और नेक अमल करते रहे, उनके लिए उस दिन खुशखबरी है कि उन्हें पूरा-पूरा बदला मिलेगा और वे अल्लाह की सच्चाई को अपनी आँखों से देखकर सुकून पाएँगे।

इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि हमें अपनी ज़िंदगी में अल्लाह के हुक्मों को अपनाना चाहिए, क्योंकि अल्लाह का हर फ़ैसला हक़ है और उसका हर वादा सच है। जो लोग इस दुनिया में अल्लाह की राह पर चलते हैं, उनके लिए आख़िरत में बड़ी कामयाबी है। अल्लाह तआला हम सबको सच्चाई को समझने और उस पर चलने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।



📜 आयत 23-27 — अन-नूर

23إِنَّ الَّذِينَ يَرْمُونَ الْمُحْصَنَاتِ الْغَافِلَاتِ الْمُؤْمِنَاتِ لُعِنُوا فِي الدُّنْيَا وَالْآخِرَةِ وَلَهُمْ عَذَابٌ عَظِيمٌ
बेशक जो लोग पाक दामन बेख़बर और ईमानदार औरतों पर (ज़िना की) तोहमत लगाते हैं उन पर दुनिया और आख़िरत में (ख़ुदा की) लानत है और उन पर बड़ा (सख्त) अज़ाब होगा
24يَوْمَ تَشْهَدُ عَلَيْهِمْ أَلْسِنَتُهُمْ وَأَيْدِيهِمْ وَأَرْجُلُهُم بِمَا كَانُوا يَعْمَلُونَ
जिस दिन उनके ख़िलाफ उनकी ज़बानें और उनके हाथ उनके पावँ उनकी कारस्तानियों की गवाही देगें
25يَوْمَئِذٍ يُوَفِّيهِمُ اللَّهُ دِينَهُمُ الْحَقَّ وَيَعْلَمُونَ أَنَّ اللَّهَ هُوَ الْحَقُّ الْمُبِينُ
उस दिन ख़ुदा उनको ठीक उनका पूरा पूरा बदला देगा और जान जाएँगें कि ख़ुदा बिल्कुल बरहक़ और (हक़ का) ज़ाहिर करने वाला है
26الْخَبِيثَاتُ لِلْخَبِيثِينَ وَالْخَبِيثُونَ لِلْخَبِيثَاتِ ۖ وَالطَّيِّبَاتُ لِلطَّيِّبِينَ وَالطَّيِّبُونَ لِلطَّيِّبَاتِ ۚ أُولَٰئِكَ مُبَرَّءُونَ مِمَّا يَقُولُونَ ۖ لَهُم مَّغْفِرَةٌ وَرِزْقٌ كَرِيمٌ
गन्दी औरते गन्दें मर्दों के लिए (मुनासिब) हैं और गन्दे मर्द गन्दी औरतो के लिए और पाक औरतें पाक मर्दों के लिए (मौज़ूँ) हैं और पाक मर्द पाक औरतों के लिए लोग जो कुछ उनकी निस्बत बका करते हैं उससे ये लोग बुरी उल ज़िम्मा हैं उन ही (पाक लोगों) के लिए (आख़िरत में) बख़्शिस है
27يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا لَا تَدْخُلُوا بُيُوتًا غَيْرَ بُيُوتِكُمْ حَتَّىٰ تَسْتَأْنِسُوا وَتُسَلِّمُوا عَلَىٰ أَهْلِهَا ۚ ذَٰلِكُمْ خَيْرٌ لَّكُمْ لَعَلَّكُمْ تَذَكَّرُونَ
और इज्ज़त की रोज़ी ऐ ईमानदारों अपने घरों के सिवा दूसरे घरों में (दर्राना) न चले जाओ यहाँ तक कि उनसे इजाज़त ले लो और उन घरों के रहने वालों से साहब सलामत कर लो यही तुम्हारे हक़ में बेहतर है
अन-नूरकुरान सूची
64आयत
मदनीRevelation
25आयत

अनुवाद — अन-नूर 25

सूरा अन-नूर आयत 25 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उस दिन ख़ुदा उनको ठीक उनका पूरा पूरा बदला देगा…

सूरा आयत 25/64 — अन-नूर النور (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नूर सुनें, अन-नूर अनुवाद, अन-नूर mp3, अन-नूर pdf. आयत 23–27. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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