Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَمَا نَحْنُ بِمُعَذَّبِينَ: "और हम क़तई अज़ाब (यातना) में नहीं डाले जाएँगे।"
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन काफ़िरों के कथन का हिस्सा है, जिन्होंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की दावत को झुठलाते हुए कहा था कि हम जिस चीज़ पर हैं, वह बस हमारे पूर्वजों का तरीक़ा और उनकी परंपरा है। उनका ख़याल था कि यही उनकी नजात का ज़रिया है। उन्होंने यह भी कहा कि हमें उस अज़ाब का कोई डर नहीं है, जिसकी आप हमें धमकी देते हैं। वे पूरी तरह से आख़िरत, हिसाब-किताब और पुनरुत्थान (क़ियामत) को नकार चुके थे। उनकी सोच यह थी कि जीवन सिर्फ़ यही दुनिया है, हम जैसे जी रहे हैं वैसे ही जिएँगे, मर जाएँगे और बस। उन्होंने यह मानने से इनकार कर दिया कि उनके आचरण और कर्मों का कोई हिसाब होगा, या उन्हें उनके बुरे कामों की सज़ा मिलेगी। यह उनकी अज्ञानता और घमंड की पराकाष्ठा थी कि उन्होंने अल्लाह की शक्ति और उसके न्याय को ही नकार दिया।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह का वादा सच्चा है। जो लोग सोचते हैं कि वे अपने कर्मों की सज़ा से बच जाएँगे, वे बड़े भ्रम में हैं। अल्लाह ने क़ुरआन में स्पष्ट कर दिया है कि हर अच्छे और बुरे कर्म का बदला मिलेगा। यह विश्वास ही मुसलमान को सीधे रास्ते पर चलाता है और उसे बुराई से रोकता है। हमें चाहिए कि हम आख़िरत के दिन पर पूरा यक़ीन रखें और अपने हर काम में अल्लाह की रज़ा को सामने रखें। यह आयत उन लोगों के लिए एक चेतावनी है जो दुनिया की चमक-दमक में डूबकर आख़िरत को भूल जाते हैं। अल्लाह से डरना और उसकी नाराज़गी से बचना ही सच्ची कामयाबी है। जो लोग अल्लाह की धमकी को गंभीरता से नहीं लेते, वे अपने ही नुक़सान का सामान करते हैं। मोमिन की पहचान यह है कि वह अल्लाह के वादे और डर को हमेशा अपने दिल में रखता है और अपनी ज़िंदगी को उसी के हिसाब से ढालता है।
📜 आयत 136-140 — सूरा अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 138
सूरा अश-शुआरा आयत 138 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हालाँकि हम पर अज़ाब (वग़ैरह अब) किया नहीं जाएगासूरा आयत 138/227 — सूरा अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शुआरा सुनें, सूरा अश-शुआरा अनुवाद, सूरा अश-शुआरा mp3, सूरा अश-शुआरा pdf. आयत 136–140. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अश-शुआरा
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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