Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है:
"इसमें बड़ी निशानी है, और उनमें अधिकतर लोग ईमान लाने वाले नहीं थे।"
शब्दों के अर्थ:
- آيَةً (निशानी): यानी सबक़ और इबरत लेने की बड़ी दलील और निशानी।
- أَكْثَرُهُم (उनमें अधिकतर): यानी क़ौम-ए-लूत के अधिकांश लोग।
- مُؤْمِنِينَ (ईमान लाने वाले): यानी अल्लाह और उसके रसूल पर ईमान रखने वाले।
तफ़सीर:
इस आयत में अल्लाह तआला हमें क़ौम-ए-लूत के उस भयानक अंजाम की याद दिलाता है जो उन पर उनके बुरे कर्मों की वजह से आया। यह एक बहुत बड़ी निशानी और सबक़ है उन लोगों के लिए जो सोच-समझकर देखते हैं। जब अल्लाह का अज़ाब आया, तो उस क़ौम में से जो लोग ईमान ला चुके थे, वे बचा लिए गए, लेकिन उनमें से अधिकतर लोग ईमान नहीं लाए थे। यह बात बताती है कि हिदायत पाना अल्लाह की मर्ज़ी पर निर्भर है, और जो लोग सच्चाई को देखकर भी उसे नहीं मानते, वे अपना अंजाम ख़ुद बिगाड़ लेते हैं।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की हर निशानी, हर ताक़त और हर अज़ाब जो पहले की क़ौमों पर आया, वह हमारे लिए सबक़ है। हमें उन लोगों की तरह नहीं बनना चाहिए जो नबियों की दावत को झुठलाते रहे और अपनी ज़िद पर अड़े रहे। अल्लाह रहम करने वाला है, लेकिन वह इंसाफ़ करने वाला भी है। जो लोग उसकी नाफ़रमानी में हद से गुज़र जाते हैं, उन पर अज़ाब आकर रहता है।
इस आयत से हमें यह भी सबक़ मिलता है कि ईमान की दौलत सबसे बड़ी दौलत है। क़ौम-ए-लूत में से जो लोग ईमान लाए, वे अज़ाब से बच गए, भले ही वे संख्या में कम थे। यह हमें बताता है कि सच्चाई पर क़ायम रहना और अल्लाह का फ़रमाँबरदार बनना ही कामयाबी की कुंजी है, चाहे दुनिया में हमारी तादाद कितनी ही कम क्यों न हो।
अल्लाह तआला हम सबको सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे और हमें उन लोगों में शामिल करे जो ईमान लाते हैं और नेक अमल करते हैं। आमीन।
📜 आयत 172-176 — सूरा अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 174
सूरा अश-शुआरा आयत 174 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उन पर क्या बड़ी बारिश हुई इस वाक़िये में भी…सूरा आयत 174/227 — सूरा अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शुआरा सुनें, सूरा अश-शुआरा अनुवाद, सूरा अश-शुआरा mp3, सूरा अश-शुआरा pdf. आयत 172–176. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अश-शुआरा
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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