Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَاتَّقُوا: डरो, अपने आप को बचाओ।
- خَلَقَكُمْ: जिसने तुम्हें पैदा किया।
- الْجِبِلَّةَ: सृष्टि, ख़िल्क़त, यानी समुदाय या लोग।
- الْأَوَّلِينَ: पहले के लोग, बीते हुए समुदाय।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने नबी शुऐब अलैहिस्सलाम की क़ौम (मदयन वालों) से फ़रमा रहे हैं कि उस अल्लाह से डरो जिसने तुम्हें पैदा किया और तुमसे पहले की उन क़ौमों को भी पैदा किया जो तुमसे पहले गुज़र चुकी हैं। यानी उस अल्लाह की ताक़त और उसके अज़ाब से डरो, जिसने तुम्हें और तुमसे पहले की उम्मतों को पैदा किया। वही अल्लाह जो तुम्हें पैदा करने पर क़ादिर था, वही तुम्हें अज़ाब देने पर भी पूरी तरह क़ादिर है। उसने पहले के लोगों को उनके कुफ़्र और नाफ़रमानी की वजह से हलाक कर दिया, जैसे क़ौमे नूह, क़ौमे आद, क़ौमे समूद और क़ौमे लूत। इसलिए ऐ लोगों! उस अल्लाह से डरो जो तुम्हें और तुमसे पहले की सारी सृष्टि का ख़ालिक़ है, और उसकी नाफ़रमानी से बचो।
यहाँ "जिबिल्लत" से मुराद पहले की उम्मतें हैं, जो तुमसे पहले गुज़र चुकी हैं। अल्लाह तआला उन सबका ख़ालिक़ है, और उसी ने उन्हें पैदा किया था। जब वह उन्हें पैदा करने पर क़ादिर था, तो वह तुम्हें अज़ाब देने पर भी क़ादिर है। इसलिए उसके अज़ाब से डरो और उसकी इबादत करो, उसके साथ किसी को शरीक न करो।
दावती पहलू:
यह आयत हमें अल्लाह की अज़मत और उसकी क़ुदरत पर ग़ौर करने की तरफ़ बुलाती है। जब हम अपने चारों ओर देखते हैं — यह आसमान, यह ज़मीन, ये पहाड़, ये दरिया, ये इंसान, ये जानवर — तो हमें यक़ीन हो जाता है कि इन सबका ख़ालिक़ एक ही अल्लाह है। उसी ने हमें पैदा किया, उसी ने हमें रिज़्क़ दिया, और उसी ने हमें इस धरती पर रहने का मौक़ा दिया। जब हम उसकी इतनी बड़ी नेअमतों को देखते हैं, तो हम पर फ़र्ज़ है कि हम उसकी इबादत करें, उसकी नाफ़रमानी से बचें, और उसके अज़ाब से डरें। यह डर हमें नेकी की तरफ़ ले जाता है और हमें बुराइयों से रोकता है। अल्लाह तआला रहम करने वाला है, मगर वह अज़ाब देने वाला भी है। इसलिए हमें उसकी रहमत की उम्मीद भी रखनी चाहिए और उसके अज़ाब से डरना भी चाहिए। यही वह रास्ता है जो हमें जन्नत की तरफ़ ले जाता है।
📜 आयत 182-186 — सूरा अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 184
सूरा अश-शुआरा आयत 184 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उस (ख़ुदा) से डरो जिसने तुम्हे और अगली ख़िलकत…सूरा आयत 184/227 — सूरा अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शुआरा सुनें, सूरा अश-शुआरा अनुवाद, सूरा अश-शुआरा mp3, सूरा अश-शुआरा pdf. आयत 182–186. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अश-शुआरा
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


