अश-शुआरा · 92/227
अनुवाद उच्चारण — अश-शुआरा
وَقِيلَ لَهُمْ أَيْنَ مَا كُنتُمْ تَعْبُدُونَ ۝٩٢
Wa qeela lahum aina maa kuntum ta`budoon
📖 हिंदी अर्थ
और उन लोगों (अहले जहन्नुम) से पूछा जाएगा कि ख़ुदा को छोड़कर जिनकी तुम परसतिश करते थे (आज) वह कहाँ हैं

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • وَقِيلَ لَهُمْ: और उनसे कहा जाएगा
  • أَيْنَ: कहाँ हैं
  • مَا كُنتُمْ تَعْبُدُونَ: जिन्हें तुम पूजते थे

तफसीर:

क़ियामत के दिन जब मुशरिकीन (बहुदेववादियों) को उनके गुनाहों का सामना करना होगा, तो उनसे डांट-फटकार और मलामत के अंदाज़ में पूछा जाएगा: "कहाँ हैं वे माबूद जिन्हें तुम दुनिया में अल्लाह को छोड़कर पूजते थे? वे बुत, वे देवता, वे पीर-औलिया, वे सितारे और वे सब चीज़ें जिनसे तुम मदद की उम्मीद रखते थे और जिन्हें तुम अपना सहारा समझते थे?"

यह सवाल उन्हें शर्मिंदा करने के लिए है, क्योंकि आज उनके वे सारे माबूद ग़ायब हैं। न वे उनकी कोई मदद कर सकते हैं, न खुद को बचा सकते हैं, न अपने पूजने वालों को आज़ाब से बचा सकते हैं। यह वही लम्हा है जब सच्चाई बिल्कुल साफ़ हो जाती है कि अल्लाह के सिवा कोई मददगार नहीं, कोई सिफ़ारिशी नहीं, कोई पनाह देने वाला नहीं।

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपनी ज़िंदगी में किसे अपना सहारा बनाते हैं। क्या हम सिर्फ़ अल्लाह पर भरोसा करते हैं, या फिर दुनिया की चीज़ों, रिश्तों, माल-दौलत और दूसरे लोगों को अपना आसरा बना लेते हैं? क़ियामत के दिन सिर्फ़ अल्लाह ही काम आएगा। वे सब चीज़ें जिन्हें हम आज अहमियत देते हैं, उस दिन बेकार साबित होंगी।

यह आयत हमें दावत देती है कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इबादत के लिए खास कर दें। जो लोग अल्लाह को छोड़कर दूसरों की पूजा करते हैं, वे क़ियामत के दिन सिर्फ़ पछतावे के सिवा कुछ हासिल नहीं करेंगे। लेकिन जो लोग अल्लाह पर भरोसा रखते हैं और सिर्फ़ उसी की इबादत करते हैं, उनके लिए उस दिन खुशखबरी है। अल्लाह हमें सिर्फ़ अपनी इबादत करने की तौफ़ीक़ दे और हमें उन लोगों में शामिल करे जिन्हें क़ियामत के दिन कोई डर और कोई ग़म नहीं होगा। आमीन।



📜 आयत 90-94 — अश-शुआरा

90وَأُزْلِفَتِ الْجَنَّةُ لِلْمُتَّقِينَ
और बेहश्त परहेज़ गारों के क़रीब कर दी जाएगी
91وَبُرِّزَتِ الْجَحِيمُ لِلْغَاوِينَ
और दोज़ख़ गुमराहों के सामने ज़ाहिर कर दी जाएगी
92وَقِيلَ لَهُمْ أَيْنَ مَا كُنتُمْ تَعْبُدُونَ
और उन लोगों (अहले जहन्नुम) से पूछा जाएगा कि ख़ुदा को छोड़कर जिनकी तुम परसतिश करते थे (आज) वह कहाँ हैं
93مِن دُونِ اللَّهِ هَلْ يَنصُرُونَكُمْ أَوْ يَنتَصِرُونَ
क्या वह तुम्हारी कुछ मदद कर सकते हैं या वह ख़ुद अपनी आप बाहम मदद कर सकते हैं
94فَكُبْكِبُوا فِيهَا هُمْ وَالْغَاوُونَ
फिर वह (माबूद) और गुमराह लोग और शैतान का लशकर
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अनुवाद — अश-शुआरा 92

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Tuesday, August 18, 2026

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