अश-शुआरा · 91/227
अनुवाद उच्चारण — सूरा अश-शुआरा
وَبُرِّزَتِ الْجَحِيمُ لِلْغَاوِينَ ۝٩١
Wa burrizatil Jaheemu lilghaaween
📖 हिंदी अर्थ
और दोज़ख़ गुमराहों के सामने ज़ाहिर कर दी जाएगी

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • बुर्रिज़त (بُرِّزَتْ): सामने ला दी जाएगी, खोल दी जाएगी, उजागर कर दी जाएगी।
  • अल-जहीम (الْجَحِيم): भड़कती हुई आग, नरक की आग।
  • लिल-ग़ावीन (لِلْغَاوِينَ): गुमराहों के लिए, जो सत्य के मार्ग से भटक गए।

तफ़सीर (व्याख्या):

क़ियामत के दिन जब हश्र का मैदान सजेगा और सारे इंसान अपने-अपने कर्मों के साथ हाज़िर होंगे, तो उस वक़्त नरक की भड़कती हुई आग को गुमराह लोगों के सामने खोलकर पेश कर दिया जाएगा। यह कोई छुपी हुई चीज़ नहीं होगी, बल्कि उनकी आँखों के सामने उसे साफ़-साफ़ दिखा दिया जाएगा, ताकि वे उसे देखकर काँप उठें और अपने किए पर पछताएँ।

यहाँ "ग़ावीन" से मुराद वे लोग हैं जिन्होंने हक़ और सच्चाई का रास्ता छोड़ दिया, अल्लाह की आयतों को झुठलाया, उसके रसूलों की नाफ़रमानी की और अपनी ख्वाहिशों और शैतान के पीछे चल पड़े। उन्होंने दुनिया में अल्लाह की रहमत और हिदायत को ठुकराया, इसलिए आख़िरत में उनके सामने अल्लाह का अज़ाब पेश किया जाएगा।

यह दृश्य अत्यंत भयावह होगा—जब नरक की आग उनके सामने लाई जाएगी, उसकी लपटें आसमान को छू रही होंगी, उसकी भयंकर गरमी और चीख़-पुकार की आवाज़ें सुनाई देंगी। उस वक़्त गुमराह लोग समझ जाएँगे कि उनका ठिकाना यही है, और वे इससे बच नहीं सकते। यह उनके लिए सबसे बड़ी रुसवाई और शर्मिंदगी का लम्हा होगा।

दावती पहलू (नसीहत):

यह आयत हमें चेतावनी देती है कि आज हम जिस आज़ादी और लापरवाही में जी रहे हैं, वह कल हमारे लिए पछतावे का सबब न बन जाए। अल्लाह ने हमें अक़्ल दी, क़ुरआन दिया, रसूल भेजे—सब कुछ हमारी हिदायत के लिए। अगर हम इन नेअमतों को ठुकराकर गुमराही का रास्ता चुनेंगे, तो क़ियामत के दिन हमारा सामना इसी भड़कती हुई आग से होगा।

लेकिन अल्लाह की रहमत भी बहुत बड़ी है—उसने दरवाज़ा खुला रखा है। जो आज अपनी ग़लतियों से तौबा कर ले, सच्चे दिल से अल्लाह की तरफ़ लौट आए, उसके लिए जन्नत की राहें खुली हैं। यह आयत हमें दो रास्ते दिखाती है—एक जहन्नम की तरफ़, जो गुमराहों के लिए है, और दूसरा जन्नत की तरफ़, जो मोमिनों के लिए है। हमें चुनना है कि हम किस रास्ते पर चलते हैं। अल्लाह हमें सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 89-93 — सूरा अश-शुआरा

89إِلَّا مَنْ أَتَى اللَّهَ بِقَلْبٍ سَلِيمٍ
मगर जो शख्स ख़ुदा के सामने (गुनाहों से) पाक दिल लिए हुए हाज़िर होगा (वह फायदे में रहेगा)
90وَأُزْلِفَتِ الْجَنَّةُ لِلْمُتَّقِينَ
और बेहश्त परहेज़ गारों के क़रीब कर दी जाएगी
91وَبُرِّزَتِ الْجَحِيمُ لِلْغَاوِينَ
और दोज़ख़ गुमराहों के सामने ज़ाहिर कर दी जाएगी
92وَقِيلَ لَهُمْ أَيْنَ مَا كُنتُمْ تَعْبُدُونَ
और उन लोगों (अहले जहन्नुम) से पूछा जाएगा कि ख़ुदा को छोड़कर जिनकी तुम परसतिश करते थे (आज) वह कहाँ हैं
93مِن دُونِ اللَّهِ هَلْ يَنصُرُونَكُمْ أَوْ يَنتَصِرُونَ
क्या वह तुम्हारी कुछ मदद कर सकते हैं या वह ख़ुद अपनी आप बाहम मदद कर सकते हैं
अश-शुआराकुरान सूची
227आयत
मक्कीअवतरण स्थान
91आयत

अनुवाद — अश-शुआरा 91

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सूरा आयत 91/227 — सूरा अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शुआरा सुनें, सूरा अश-शुआरा अनुवाद, सूरा अश-शुआरा mp3, सूरा अश-शुआरा pdf. आयत 89–93. हिंदी अर्थ: اردو.





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Monday, September 28, 2026

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