Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- مِن دُونِ اللهِ: अल्लाह को छोड़कर, अल्लाह के सिवा।
- هَلْ يَنصُرُونَكُمْ: क्या वे तुम्हारी मदद करेंगे?
- أَوْ يَنتَصِرُونَ: या क्या वे स्वयं अपनी (मदद) कर सकेंगे?
तफसीर:
उस दिन जब अत्याचारियों और काफिरों से कहा जाएगा: "वे तुम्हारे वे पूज्य कहाँ हैं जिन्हें तुम अल्लाह के सिवा पुकारते थे? क्या वे आज तुम्हारी कोई सहायता कर सकते हैं?" — तो वे सभी मददगार गायब होंगे। यह प्रश्न उन्हें झिड़कने और उनकी नादानी पर पर्दा उठाने के लिए होगा। क्या वे मूर्तियाँ, जिन्हें तुमने खुदा का दर्जा दे रखा था, आज तुम्हें अल्लाह के अज़ाब से बचा सकेंगी? या क्या वे स्वयं अपनी जान बचा सकेंगी? न तो वे तुम्हारी मदद कर सकती हैं और न ही अपनी। वे तो बेजान हैं, न उनमें कोई शक्ति है और न कोई इख्तियार।
यह वह दिन होगा जब हर झूठा सहारा टूट जाएगा और हर झूठी शक्ति नाकाम हो जाएगी। जिन्होंने दुनिया में अल्लाह को छोड़कर दूसरों पर भरोसा किया, वे उस दिन सबसे बड़ी निराशा से दो-चार होंगे। अल्लाह तआला फरमाता है कि ये माबूद न तो तुम्हें नुकसान पहुँचा सकते हैं और न फायदा, न तुम्हारी मदद कर सकते हैं और न अपनी। तो फिर ऐसी बेबस चीज़ों को अल्लाह का शरीक क्यों बनाया जाए?
यह आयत हमें सिखाती है कि सच्ची मदद और सच्चा सहारा सिर्फ अल्लाह है। वही है जो मुसीबत में काम आता है, वही है जो बंदे की दुआ सुनता है और उसे तकलीफ से निकालता है। जो लोग अल्लाह के सिवा किसी और से उम्मीद लगाते हैं, वे उस दिन पछताएँगे जब पछतावा किसी काम न आएगा। लेकिन जो लोग दुनिया में अल्लाह से जुड़े रहे, उनके लिए उस दिन खुशखबरी है — अल्लाह उन्हें अज़ाब से बचाएगा और उन्हें जन्नत की नेमतों से नवाज़ेगा।
तो आओ, हम अपनी ज़िंदगी में सिर्फ अल्लाह को ही अपना मददगार और सहारा बनाएँ। उसी से माँगें, उसी पर भरोसा करें। याद रखें, जो अल्लाह पर भरोसा करता है, अल्लाह उसके लिए काफी है। और जो अल्लाह को छोड़कर दूसरों की ओर मुँह करता है, वह उस दिन सबसे बड़ा घाटा उठाएगा। अल्लाह हमें सीधी राह पर चलाए और हमें उन लोगों में से बनाए जो सिर्फ उसी की इबादत करते हैं और उसी से मदद माँगते हैं। आमीन।
📜 आयत 91-95 — सूरा अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 93
सूरा अश-शुआरा आयत 93 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या वह तुम्हारी कुछ मदद कर सकते हैं या वह…सूरा आयत 93/227 — सूरा अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शुआरा सुनें, सूरा अश-शुआरा अनुवाद, सूरा अश-शुआरा mp3, सूरा अश-शुआरा pdf. आयत 91–95. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अश-शुआरा
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


