Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- رَدِفَ لَكُم — तुम्हारे निकट आ गया, तुम्हारे पास आ लगा, या तुम्हारे साथ जुड़ गया।
- تَسْتَعْجِلُونَ — जिसे तुम जल्दी माँग रहे हो (अज़ाब/यातना)।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप इन मुशरिकों से कह दीजिए कि जिस अज़ाब (यातना) को तुम जल्दी-जल्दी माँग रहे हो और उसका मज़ाक उड़ा रहे हो, उसका कुछ हिस्सा तो अब तुम्हारे बहुत करीब आ चुका है। यानी अल्लाह की यातना का वह समय नज़दीक आ गया है जिसे तुम अपनी नादानी में दूर समझ रहे थे।
यह आयत उस समय नाज़िल हुई जब काफ़िर मक्का वाले नबी करीम ﷺ से मज़ाक़िया अंदाज़ में कहते थे: "यदि तुम सच्चे हो तो वह अज़ाब ले आओ जिससे तुम हमें डराते हो।" तो अल्लाह ने अपने नबी को हुक्म दिया कि उन्हें बता दो: "यह अज़ाब तुमसे दूर नहीं, बल्कि तुम्हारे सिर पर मंडरा रहा है। इसका कुछ हिस्सा तो अब तुम्हारे पास आ ही चुका है।"
और ऐसा ही हुआ — बद्र की जंग में उनमें से कई सरदार मारे गए और उन्होंने उस अज़ाब का वह हिस्सा देख लिया जिसे वे जल्दी माँग रहे थे। यह अल्लाह की सुन्नत (रीति) है कि जब बंदे हद से गुज़र जाते हैं और नबियों का मज़ाक उड़ाते हैं, तो अल्लाह उन्हें उनकी शरारत का मज़ा चखाता है।
दावत और नसीहत:
इस आयत से हमें सबक़ मिलता है कि अल्लाह की यातना और उसकी पकड़ को कभी दूर नहीं समझना चाहिए। इंसान कितना ही ग़ाफ़िल (बेख़बर) हो जाए, अल्लाह की पकड़ बहुत करीब है। जो लोग नबियों और अल्लाह के दीन का मज़ाक उड़ाते हैं, वे अक्सर देखते हैं कि अज़ाब उन पर इस तरह आ पड़ता है जिसका उन्हें गुमान भी नहीं होता।
मोमिन की शान यह है कि वह अल्लाह के अज़ाब से डरे, अपने गुनाहों से तौबा करे, और नबी ﷺ की बताई हुई बातों को सच माने। अल्लाह की रहमत बहुत बड़ी है, लेकिन उसका अज़ाब भी बहुत सख्त है। आओ हम अपनी ज़िंदगी को सुधारें, नबी ﷺ के बताए रास्ते पर चलें, और अल्लाह से उसकी रहमत और माफ़ी की दुआ करें। याद रखिए, अल्लाह तौबा करने वालों से बहुत प्यार करता है और उन्हें माफ़ कर देता है।
📜 आयत 70-74 — सूरा अन-नमल
अनुवाद — अन-नमल 72
सूरा अन-नमल आयत 72 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम कह दो कि जिस (अज़ाब) की तुम…सूरा आयत 72/93 — सूरा अन-नमल النمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नमल सुनें, सूरा अन-नमल अनुवाद, सूरा अन-नमल mp3, सूरा अन-नमल pdf. आयत 70–74. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


