अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- أَقْصَى الْمَدِينَةِ – शहर के सबसे दूर के छोर से।
- يَسْعَى – दौड़ता हुआ, जल्दी करता हुआ।
- الْمَلَأُ – फ़िरऔन की क़ौम के सरदार और बुज़ुर्ग।
- يَأْتَمِرُونَ بِكَ – तेरे बारे में आपस में सलाह-मशविरा कर रहे हैं।
- فَاخْرُجْ – तो तू (इस शहर से) निकल जा।
- النَّاصِحِينَ – ख़ैरख़्वाहों, शुभचिंतकों में से।
तफ़सीर:
जब फ़िरऔन को मूसा (अलैहिस्सलाम) के उस शख़्स को मारने की ख़बर मिली जो उनकी क़ौम में से था, तो उसने अपने जल्लादों को मूसा (अलैहिस्सलाम) को क़त्ल करने के लिए भेजा। अल्लाह तआला ने अपनी ग़ैबी मदद से एक ईमानदार आदमी को मूसा (अलैहिस्सलाम) की मदद के लिए भेजा। वह शख़्स शहर के सबसे दूर के इलाक़े से दौड़ता हुआ आया, क्योंकि वह मूसा (अलैहिस्सलाम) की जान की सलामती के बारे में फ़िक्रमंद था। उसने कहा: "ऐ मूसा! फ़िरऔन के सरदार और बुज़ुर्ग तेरे क़त्ल की साज़िश कर रहे हैं और आपस में मशविरा कर रहे हैं कि तुझे किस तरह मारा जाए। इसलिए तू फ़ौरन इस शहर से निकल जा। मैं तेरे साथ ख़ैरख़्वाही करने वालों में से हूँ और मैं तुझ पर शफ़्क़त रखता हूँ। मैं नहीं चाहता कि तू उनके हाथों शहीद हो।"
यह उस ईमानदार आदमी की सच्ची मुहब्बत और ईमानी हमदर्दी का सबूत था। उसने अपनी जान की परवाह नहीं की और खुले तौर पर मूसा (अलैहिस्सलाम) को ख़तरे से आगाह किया। यह एक मोमिन की सिफ़त है कि वह अपने भाई की जान की हिफ़ाज़त के लिए हर ख़तरा मोल लेता है।
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि अल्लाह तआला अपने नेक बंदों को मुसीबत के वक़्त में कभी अकेला नहीं छोड़ता। वह किसी न किसी ज़रिये से उनकी मदद भेजता है। साथ ही, यह भी सीख मिलती है कि जब इंसान को किसी ख़तरे का अंदेशा हो, तो उसे अक़्लमंदी से काम लेना चाहिए और अपनी जान को ख़तरे में नहीं डालना चाहिए, क्योंकि जान बचाना भी एक इबादत है। मूसा (अलैहिस्सलाम) ने उस नसीहत को क़ुबूल किया और शहर से निकल गए, जो एक नबी की फ़रासत और अल्लाह पर भरोसे की निशानी है।
अल्लाह तआला हमें भी सच्चे नसीहत करने वालों की बात मानने और हर हाल में अल्लाह पर भरोसा रखने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 18-22 — अल-क़सस
अनुवाद — अल-क़सस 20
सूरा अल-क़सस आयत 20 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और एक शख्स शहर के उस किनारे से डराता हुआ…सूरा आयत 20/88 — अल-क़सस القصص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़सस सुनें, अल-क़सस अनुवाद, अल-क़सस mp3, अल-क़सस pdf. आयत 18–22. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








