Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَسَقَى لَهُمَا: उन दोनों (औरतों) के लिए (जानवरों को) पानी पिलाया।
- تَوَلَّى إِلَى الظِّلِّ: (वहाँ से) हटकर छाया की ओर चले गए।
- فَقِير: अत्यंत आवश्यकता रखने वाला, मोहताज।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने देखा कि दो औरतें अपनी भेड़ों को पानी पिलाने के लिए खड़ी हैं और आस-पास के चरवाहे अपने जानवरों को पानी पिला रहे हैं, तो उन्होंने उन दोनों औरतों की मदद करने का फैसला किया। उन्होंने उनके लिए (कुएँ से) पानी निकाला और उनकी भेड़ों को पानी पिलाया। यह कार्य उन्होंने बिना किसी स्वार्थ के, केवल अल्लाह की रज़ा के लिए और उन दोनों की मदद के लिए किया। इसके बाद, वे वहाँ से हटकर एक पेड़ की छाया में जाकर बैठ गए, क्योंकि वे बहुत थके हुए थे और भूख से बेहाल थे। उस समय उन्होंने अपने रब से दुआ की और कहा: "ऐ मेरे रब! तू जो भी भलाई (खाना या कोई और नेमत) मेरी तरफ भेजे, मैं उसका सख्त मोहताज हूँ।"
यह दुआ बहुत ही नम्रता और आजिज़ी से भरी थी। उन्होंने अल्लाह से सीधे तौर पर कुछ नहीं माँगा, बल्कि अपनी हाजत को इस तरह बयान किया कि अल्लाह खुद समझ गया कि उन्हें क्या चाहिए। यह दुआ का एक बेहतरीन तरीका है — इंसान अपनी ज़रूरत अल्लाह के सामने रखे और उस पर भरोसा करे।
इस आयत से हमें कई सबक मिलते हैं:
- दूसरों की मदद करना, चाहे वह कितनी भी छोटी क्यों न हो, बहुत बड़ी नेकी है।
- मुसीबत और भूख-प्यास के समय अल्लाह से दुआ करना चाहिए, क्योंकि वही सब कुछ देने वाला है।
- हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपनी ज़रूरत अल्लाह के सामने बयान की, और अल्लाह ने उनकी दुआ कुबूल की — यह हमारे लिए प्रेरणा है कि हम भी हर हाल में अल्लाह पर भरोसा रखें और उसी से माँगें।
यह दुआ हमें सिखाती है कि इंसान को कभी अपनी हाजत बयान करने में शर्म नहीं करनी चाहिए, बल्कि अल्लाह से उम्मीद रखनी चाहिए। अल्लाह अपने बंदों की मदद करता है, जब वे उसकी तरफ पूरी तरह रुजू होते हैं।
📜 आयत 22-26 — सूरा अल-क़सस
अनुवाद — अल-क़सस 24
सूरा अल-क़सस आयत 24 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तब मूसा ने उन की (बकरियों) के लिए (पानी खीच…सूरा आयत 24/88 — सूरा अल-क़सस القصص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-क़सस सुनें, सूरा अल-क़सस अनुवाद, सूरा अल-क़सस mp3, सूरा अल-क़सस pdf. आयत 22–26. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


