अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُنَادِيهِمْ (उन्हें पुकारेगा) — अर्थात अल्लाह तआला उन मुशरिकों को पुकारेगा।
- مَاذَا أَجَبْتُمُ (तुमने क्या उत्तर दिया) — अर्थात तुमने क्या जवाब दिया।
- الْمُرْسَلِينَ (रसूलों को) — अर्थात उन पैग़म्बरों को जो तुम्हारी ओर भेजे गए थे।
तफ़सीर:
क़यामत के दिन जब अल्लाह तआला उन मुशरिकों को पुकारेगा, तो वह उनसे पूछेगा: "तुमने मेरे भेजे हुए रसूलों को क्या उत्तर दिया था?" यानी जब मेरे पैग़म्बर तुम्हारे पास आए और तुम्हें मेरी इबादत की दावत दी, तो तुमने उन्हें क्या जवाब दिया? क्या तुमने उनकी बात मानी या उन्हें झुठलाया? क्या तुमने उनका साथ दिया या उनका विरोध किया?
यह पूछताछ उस दिन होगी जब सारे पर्दे उठा दिए जाएंगे, और हर व्यक्ति अपने कर्मों के सामने खड़ा होगा। यह प्रश्न केवल पूछताछ के लिए नहीं होगा, बल्कि यह उनकी हुज्जत (प्रमाण) क़ायम करने के लिए होगा, ताकि वे कोई बहाना न बना सकें। रसूलों ने उन्हें सच्चा रास्ता दिखाया, उन्हें अल्लाह की इबादत की ओर बुलाया, लेकिन उन्होंने उसे ठुकरा दिया।
यह पुकार उस दिन होगी, जब न कोई सिफ़ारिश काम आएगी और न कोई बहाना। अल्लाह तआला उनसे सीधा सवाल करेगा, और वे हैरान और शर्मिंदा होंगे। उनके पास कोई जवाब न होगा, क्योंकि सच्चाई सामने आ चुकी होगी।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला ने हर उम्मत की ओर रसूल भेजे, और हर इंसान से यह सवाल ज़रूर किया जाएगा कि उसने रसूलों के पैग़ाम का क्या जवाब दिया। यह हमारे लिए एक बहुत बड़ी नसीहत है कि हम अपने नबी ﷺ की लाई हुई हिदायत को ग़ौर से सुनें, उस पर अमल करें, और उसे दूसरों तक पहुँचाएँ। रसूलों का पैग़ाम सिर्फ़ सुनने के लिए नहीं, बल्कि उस पर चलने के लिए है। जो लोग इस दुनिया में रसूलों का साथ देंगे और उनकी दावत को क़बूल करेंगे, वे उस दिन खुशहाल होंगे। और जो लोग उन्हें झुठलाएँगे या उनकी दावत को अनसुना कर देंगे, उनके लिए उस दिन बड़ी नदामत और शर्मिंदगी होगी। आइए, हम अपने जीवन को रसूल ﷺ की सुन्नत के अनुसार ढालें, ताकि उस दिन हमारा जवाब अच्छा हो सके।
📜 आयत 63-67 — अल-क़सस
अनुवाद — अल-क़सस 65
सूरा अल-क़सस आयत 65 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (वह दिन याद करो) जिस दिन ख़ुदा लोगों को…सूरा आयत 65/88 — अल-क़सस القصص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़सस सुनें, अल-क़सस अनुवाद, अल-क़सस mp3, अल-क़सस pdf. आयत 63–67. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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