Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تُكِنُّ — छिपाना, दिल में छुपाना
- صُدُورُهُمْ — उनके सीने (दिल)
- يُعْلِنُونَ — प्रकट करना, ज़ाहिर करना
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आपका रब हर उस चीज़ को जानता है जो इन लोगों के दिलों में छिपी होती है—चाहे वह अच्छाई हो या बुराई, ईमान हो या कुफ़्र, नेक इरादे हों या बुरी नीयतें। और वह उन सब बातों को भी जानता है जो ये लोग अपनी ज़ुबान से बोलते हैं और अपने अमल से ज़ाहिर करते हैं। उसके इल्म से कोई चीज़ छिपी नहीं है—न वह जो सीने में पनपती है और न वह जो ज़ाहिर होती है।
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला का इल्म हर चीज़ पर हावी है। वह जानता है कि किसके दिल में सच्चाई के लिए जगह है और किसका दिल झूठ और हठ पर अड़ा हुआ है। यही वजह है कि वह हर इंसान को उसकी नीयत और अमल के हिसाब से बदला देगा। जो लोग दिल में छिपाकर बुराई करते हैं और ज़ाहिर में अच्छे बनते हैं, उनकी पोल अल्लाह के सामने खुली हुई है। और जो लोग दिल में ईमान और सच्चाई छिपाए हुए हैं, अल्लाह उनके इस हाल को भी जानता है और उन्हें उसका अच्छा बदला देगा।
यह आयत हमारे लिए एक बहुत बड़ी नसीहत है कि हम अपने दिलों को साफ़ रखें, क्योंकि अल्लाह तो दिलों का हाल जानता है। हमें चाहिए कि हमारा ज़ाहिर और बातिन एक जैसा हो—जो हम दिल में रखते हैं, वही ज़ुबान पर लाएं और वही अमल में लाएं। अल्लाह से कुछ छिपा नहीं है, इसलिए उसकी निगरानी का एहसास हमें हर वक़्त सच्चाई और नेकी पर चलने की ताक़त देता है।
और यह भी याद रखें कि यही रब हमारा मालिक है—वह हमारे दिल की हर धड़कन से वाक़िफ़ है। जब हम उससे दुआ करते हैं, तो वह हमारी ज़रूरत को पहले से जानता है। जब हम गुनाह करते हैं और पछताते हैं, तो वह हमारे दिल के पश्चाताप को देखता है। यही वह रब है जो अपने बंदों पर सबसे ज़्यादा मेहरबान है। आइए, हम अपने दिलों को उसकी याद से रोशन करें और अपनी ज़ुबान को उसके ज़िक्र से पाक करें, ताकि हम उन लोगों में शामिल हों जिनके दिल और ज़ुबान दोनों अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ चलते हैं।
📜 आयत 67-71 — सूरा अल-क़सस
अनुवाद — अल-क़सस 69
सूरा अल-क़सस आयत 69 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) ये लोग जो बातें अपने दिलों में…सूरा आयत 69/88 — सूरा अल-क़सस القصص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-क़सस सुनें, सूरा अल-क़सस अनुवाद, सूरा अल-क़सस mp3, सूरा अल-क़सस pdf. आयत 67–71. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


