आल-इमरान · 189/200
अनुवाद उच्चारण — आल-इमरान
وَلِلَّهِ مُلْكُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ ۗ وَاللَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ ۝١٨٩
Wa lillaahi mulkus samaawaati wal ard; wallaahu `alaa kulli shai`in Qadeer
📖 हिंदी अर्थ
और आसमान व ज़मीन सब ख़ुदा ही का मुल्क है और ख़ुदा ही हर चीज़ पर क़ादिर है
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • مُلْكُ: स्वामित्व, राज्य, अधिकार।
  • السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ: आकाशों (सारे ब्रह्मांड) और धरती का।
  • قَدِيرٌ: हर चीज़ पर पूर्ण सामर्थ्य रखने वाला, जिसकी शक्ति की कोई सीमा न हो।

तफसीर (व्याख्या):

यह आयत बताती है कि आकाशों और धरती का संपूर्ण राज्य, उनमें मौजूद हर चीज़—चाहे वह जीवित हो या निर्जीव, दृश्य हो या अदृश्य—केवल और केवल अल्लाह ही का है। उसी ने इन सबको पैदा किया है, और उसी के नियंत्रण और प्रबंधन में यह सब चल रहा है। किसी और के पास न तो इनमें से कोई चीज़ अपने आप में कोई अधिकार रखती है, और न ही किसी को इनमें से कुछ भी हासिल करने का कोई स्वतंत्र मार्ग है। इसके बाद अल्लाह तआला अपनी असीम शक्ति का वर्णन करता है कि वह हर चीज़ पर पूर्ण सामर्थ्य रखता है। उसकी शक्ति के आगे कोई चीज़ असम्भव नहीं है, और न ही उसे किसी काम के लिए किसी की सहायता या किसी साधन की आवश्यकता है। यह शक्ति उसकी सत्ता का अभिन्न गुण है, जो हर समय और हर हाल में कायम है। इसका अर्थ यह भी है कि जिसके पास सारा राज्य और सारी शक्ति है, उसी की आज्ञा का पालन करना और उसी के आगे सिर झुकाना सबसे बुद्धिमानी का काम है, और उसी से डरना और उसी से उम्मीद रखनी चाहिए।

फ़ायदे (शिक्षाएँ):

  1. इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि ब्रह्मांड का असली मालिक केवल अल्लाह है, इसलिए हमें अपनी ज़िंदगी के हर मामले में उसी की मर्ज़ी को सबसे ऊपर रखना चाहिए।
  2. जब हमें यह यकीन हो जाए कि अल्लाह हर चीज़ पर क़ादिर है, तो हमारे दिल में उसकी रहमत से निराशा की कोई गुंजाइश नहीं रहती, और हम हर मुश्किल में उसी से मदद माँगते हैं।
  3. यह आयत हमें अल्लाह के प्रति विनम्रता और उसकी अज़मत के सामने अपनी बेबसी का एहसास कराती है, जिससे हमारे अंदर अकड़ और घमंड की जगह नम्रता पैदा होती है।
  4. यह भी सिखाती है कि जो व्यक्ति अल्लाह की शक्ति पर पूरा भरोसा रखता है, वह कभी किसी इंसानी ताकत से नहीं डरता, और न ही किसी हालात से घबराता है, क्योंकि उसे मालूम है कि सब कुछ उसी के हाथ में है।
🎧 सुनें

📜 आयत 187-191 — आल-इमरान

187وَإِذْ أَخَذَ اللَّهُ مِيثَاقَ الَّذِينَ أُوتُوا الْكِتَابَ لَتُبَيِّنُنَّهُ لِلنَّاسِ وَلَا تَكْتُمُونَهُ فَنَبَذُوهُ وَرَاءَ ظُهُورِهِمْ وَاشْتَرَوْا بِهِ ثَمَنًا قَلِيلًا ۖ فَبِئْسَ مَا يَشْتَرُونَ
और (ऐ रसूल) इनको वह वक्त तो याद दिलाओ जब ख़ुदा ने अहले किताब से एहद व पैमान लिया था कि तुम किताबे ख़ुदा को साफ़ साफ़ बयान कर देना और (ख़बरदार) उसकी कोई बात छुपाना नहीं मगर इन लोगों ने (ज़रा भी ख्याल न किया) और उनको पसे पुश्त फेंक दिया और उसके बदले में (बस) थोड़ी सी क़ीमत हासिल कर ली पस ये क्या ही बुरा (सौदा) है जो ये लोग ख़रीद रहे हैं
188لَا تَحْسَبَنَّ الَّذِينَ يَفْرَحُونَ بِمَا أَتَوا وَّيُحِبُّونَ أَن يُحْمَدُوا بِمَا لَمْ يَفْعَلُوا فَلَا تَحْسَبَنَّهُم بِمَفَازَةٍ مِّنَ الْعَذَابِ ۖ وَلَهُمْ عَذَابٌ أَلِيمٌ
(ऐ रसूल) तुम उन्हें ख्याल में भी न लाना जो अपनी कारस्तानी पर इतराए जाते हैं और किया कराया ख़ाक नहीं (मगर) तारीफ़ के ख़ास्तगार (चाहते) हैं पस तुम हरगिज़ ये ख्याल न करना कि इनको अज़ाब से छुटकारा है बल्कि उनके लिए दर्दनाक अज़ाब है
189وَلِلَّهِ مُلْكُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ ۗ وَاللَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ
और आसमान व ज़मीन सब ख़ुदा ही का मुल्क है और ख़ुदा ही हर चीज़ पर क़ादिर है
190إِنَّ فِي خَلْقِ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ وَاخْتِلَافِ اللَّيْلِ وَالنَّهَارِ لَآيَاتٍ لِّأُولِي الْأَلْبَابِ
इसमें तो शक ही नहीं कि आसमानों और ज़मीन की पैदाइश और रात दिन के फेर बदल में अक्लमन्दों के लिए (क़ुदरत ख़ुदा की) बहुत सी निशानियॉ हैं
191الَّذِينَ يَذْكُرُونَ اللَّهَ قِيَامًا وَقُعُودًا وَعَلَىٰ جُنُوبِهِمْ وَيَتَفَكَّرُونَ فِي خَلْقِ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ رَبَّنَا مَا خَلَقْتَ هَٰذَا بَاطِلًا سُبْحَانَكَ فَقِنَا عَذَابَ النَّارِ
जो लोग उठते बैठते करवट लेते (अलगरज़ हर हाल में) ख़ुदा का ज़िक्र करते हैं और आसमानों और ज़मीन की बनावट में ग़ौर व फ़िक्र करते हैं और (बेसाख्ता) कह उठते हैं कि ख़ुदावन्दा तूने इसको बेकार पैदा नहीं किया तू (फेले अबस से) पाक व पाकीज़ा है बस हमको दोज़क के अज़ाब से बचा
आल-इमरानकुरान सूची
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अनुवाद — आल-इमरान 189

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सूरा आयत 189/200 — आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: आल-इमरान सुनें, आल-इमरान अनुवाद, आल-इमरान mp3, आल-इमरान pdf. आयत 187–191. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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