Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- مُلْكُ: स्वामित्व, राज्य, अधिकार।
- السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ: आकाशों (सारे ब्रह्मांड) और धरती का।
- قَدِيرٌ: हर चीज़ पर पूर्ण सामर्थ्य रखने वाला, जिसकी शक्ति की कोई सीमा न हो।
तफसीर (व्याख्या):
यह आयत बताती है कि आकाशों और धरती का संपूर्ण राज्य, उनमें मौजूद हर चीज़—चाहे वह जीवित हो या निर्जीव, दृश्य हो या अदृश्य—केवल और केवल अल्लाह ही का है। उसी ने इन सबको पैदा किया है, और उसी के नियंत्रण और प्रबंधन में यह सब चल रहा है। किसी और के पास न तो इनमें से कोई चीज़ अपने आप में कोई अधिकार रखती है, और न ही किसी को इनमें से कुछ भी हासिल करने का कोई स्वतंत्र मार्ग है। इसके बाद अल्लाह तआला अपनी असीम शक्ति का वर्णन करता है कि वह हर चीज़ पर पूर्ण सामर्थ्य रखता है। उसकी शक्ति के आगे कोई चीज़ असम्भव नहीं है, और न ही उसे किसी काम के लिए किसी की सहायता या किसी साधन की आवश्यकता है। यह शक्ति उसकी सत्ता का अभिन्न गुण है, जो हर समय और हर हाल में कायम है। इसका अर्थ यह भी है कि जिसके पास सारा राज्य और सारी शक्ति है, उसी की आज्ञा का पालन करना और उसी के आगे सिर झुकाना सबसे बुद्धिमानी का काम है, और उसी से डरना और उसी से उम्मीद रखनी चाहिए।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि ब्रह्मांड का असली मालिक केवल अल्लाह है, इसलिए हमें अपनी ज़िंदगी के हर मामले में उसी की मर्ज़ी को सबसे ऊपर रखना चाहिए।
- जब हमें यह यकीन हो जाए कि अल्लाह हर चीज़ पर क़ादिर है, तो हमारे दिल में उसकी रहमत से निराशा की कोई गुंजाइश नहीं रहती, और हम हर मुश्किल में उसी से मदद माँगते हैं।
- यह आयत हमें अल्लाह के प्रति विनम्रता और उसकी अज़मत के सामने अपनी बेबसी का एहसास कराती है, जिससे हमारे अंदर अकड़ और घमंड की जगह नम्रता पैदा होती है।
- यह भी सिखाती है कि जो व्यक्ति अल्लाह की शक्ति पर पूरा भरोसा रखता है, वह कभी किसी इंसानी ताकत से नहीं डरता, और न ही किसी हालात से घबराता है, क्योंकि उसे मालूम है कि सब कुछ उसी के हाथ में है।
📜 आयत 187-191 — सूरा आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 189
सूरा आल-इमरान आयत 189 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और आसमान व ज़मीन सब ख़ुदा ही का मुल्क है…सूरा आयत 189/200 — सूरा आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा आल-इमरान सुनें, सूरा आल-इमरान अनुवाद, सूरा आल-इमरान mp3, सूरा आल-इमरान pdf. आयत 187–191. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा आल-इमरान
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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