आल-इमरान · 45/200
अनुवाद उच्चारण — सूरा आल-इमरान
إِذْ قَالَتِ الْمَلَائِكَةُ يَا مَرْيَمُ إِنَّ اللَّهَ يُبَشِّرُكِ بِكَلِمَةٍ مِّنْهُ اسْمُهُ الْمَسِيحُ عِيسَى ابْنُ مَرْيَمَ وَجِيهًا فِي الدُّنْيَا وَالْآخِرَةِ وَمِنَ الْمُقَرَّبِينَ ۝٤٥
Iz qaalatil malaaa`ikatu yaa Maryamu innal laaha yubashshiruki bi Kalimatim minhus muhul Maseeh u `Eesab nu Maryama wajeehan fid dunyaa wal Aakhirati wa minal muqarrabeen
📖 हिंदी अर्थ
(वह वाक़िया भी याद करो) जब फ़रिश्तों ने (मरियम) से कहा ऐ मरियम ख़ुदा तुमको सिर्फ़ अपने हुक्म से एक लड़के के पैदा होने की खुशख़बरी देता है जिसका नाम ईसा मसीह इब्ने मरियम होगा (और) दुनिया और आखेरत (दोनों) में बाइज्ज़त (आबरू) और ख़ुदा के मुक़र्रब बन्दों में होगा

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • بِكَلِمَةٍ مِّنْهُ: अल्लाह की ओर से एक कलिमा (बात) के द्वारा, यानी "कुन" (हो जा) के कहने से।
  • الْمَسِيحُ: यह ईसा अलैहिस्सलाम की उपाधि है, जिसका अर्थ है धन्य, पवित्र, या जो पृथ्वी पर घूमने वाला हो।
  • وَجِيهًا: ऊँचा दर्जा और सम्मान वाला, जिसकी बात मानी जाए।
  • الْمُقَرَّبِينَ: अल्लाह के निकटवर्ती बंदे, जिन्हें विशेष सम्मान प्राप्त हो।

तफसीर (व्याख्या):

हे नबी! आप उस समय को याद करें जब फ़रिश्तों ने मरियम से कहा: "हे मरियम! अल्लाह तुम्हें एक ऐसे बेटे की खुशखबरी देता है जो अल्लाह की ओर से एक कलिमा (आदेश) से पैदा होगा। अल्लाह उससे कहेगा 'हो जा' और वह हो जाएगा। उसका नाम मसीह ईसा इब्ने मरियम होगा।" यह नाम उनकी माँ की ओर निस्बत किया गया, क्योंकि उनके पिता नहीं थे; यह इस बात का संकेत है कि वह बिना पिता के पैदा होंगे। यह बच्चा दुनिया में नबुव्वत, इज़्ज़त और लोगों पर फ़ज़ीलत के कारण बड़ा सम्मानित होगा, और आख़िरत में भी उसका दर्जा बुलंद होगा—वहाँ उसे शफ़ाअत (सिफ़ारिश) का अधिकार मिलेगा और जन्नत में उसका मक़ाम ऊँचा होगा। वह अल्लाह के निकटवर्ती बंदों में से होगा, और उसे आसमान पर उठाया जाएगा तथा फ़रिश्तों की संगत प्राप्त होगी।

फ़ायदे (लाभ):

  1. यह आयत अल्लाह की क़ुदरत (शक्ति) को दर्शाती है कि वह बिना किसी सामान्य कारण के भी किसी को पैदा कर सकता है। जब वह बिना पिता के ईसा को पैदा कर सकता है, तो उसके लिए कुछ भी मुश्किल नहीं है। यह हमें सिखाता है कि अल्लाह पर पूरा भरोसा रखें और उसकी क़ुदरत पर कभी शक न करें।
  2. फ़रिश्तों का मरियम को खुशखबरी देना दिखाता है कि अल्लाह अपने नेक बंदों को सम्मानित करता है और उन्हें अच्छे संदेश भेजता है। यह हमें अच्छे कर्मों की तरफ़ प्रेरित करता है ताकि हम भी अल्लाह की रहमत के हक़दार बनें।
  3. ईसा अलैहिस्सलाम की उपाधि "मसीह" और उनका "मुक़र्रबीन" में शामिल होना बताता है कि अल्लाह के नेक बंदों को दुनिया और आख़िरत दोनों में इज़्ज़त मिलती है। यह हमें यह सिखाता है कि सच्ची इज़्ज़त अल्लाह की रज़ा में है, न कि दुनिया के माल या ओहदे में।
  4. यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह की खुशखबरी कभी झूठी नहीं होती। जब अल्लाह किसी को कोई वादा करता है, तो वह पूरा होकर रहता है। इसलिए हमें अल्लाह के वादों पर यक़ीन रखना चाहिए और उसकी रहमत से कभी निराश नहीं होना चाहिए।


📜 आयत 43-47 — सूरा आल-इमरान

43يَا مَرْيَمُ اقْنُتِي لِرَبِّكِ وَاسْجُدِي وَارْكَعِي مَعَ الرَّاكِعِينَ
(तो) ऐ मरियम इसके शुक्र से मैं अपने परवरदिगार की फ़रमाबदारी करूं सजदा और रूकूउ करने वालों के साथ रूकूउ करती रहूं
44ذَٰلِكَ مِنْ أَنبَاءِ الْغَيْبِ نُوحِيهِ إِلَيْكَ ۚ وَمَا كُنتَ لَدَيْهِمْ إِذْ يُلْقُونَ أَقْلَامَهُمْ أَيُّهُمْ يَكْفُلُ مَرْيَمَ وَمَا كُنتَ لَدَيْهِمْ إِذْ يَخْتَصِمُونَ
(ऐ रसूल) ये ख़बर गैब की ख़बरों में से है जो हम तुम्हारे पास 'वही' के ज़रिए से भेजते हैं (ऐ रसूल) तुम तो उन सरपरस्ताने मरियम के पास मौजूद न थे जब वह लोग अपना अपना क़लम दरिया में बतौर क़ुरआ के डाल रहे थे (देखें) कौन मरियम का कफ़ील बनता है और न तुम उस वक्त उनके पास मौजूद थे जब वह लोग आपस में झगड़ रहे थे
45إِذْ قَالَتِ الْمَلَائِكَةُ يَا مَرْيَمُ إِنَّ اللَّهَ يُبَشِّرُكِ بِكَلِمَةٍ مِّنْهُ اسْمُهُ الْمَسِيحُ عِيسَى ابْنُ مَرْيَمَ وَجِيهًا فِي الدُّنْيَا وَالْآخِرَةِ وَمِنَ الْمُقَرَّبِينَ
(वह वाक़िया भी याद करो) जब फ़रिश्तों ने (मरियम) से कहा ऐ मरियम ख़ुदा तुमको सिर्फ़ अपने हुक्म से एक लड़के के पैदा होने की खुशख़बरी देता है जिसका नाम ईसा मसीह इब्ने मरियम होगा (और) दुनिया और आखेरत (दोनों) में बाइज्ज़त (आबरू) और ख़ुदा के मुक़र्रब बन्दों में होगा
46وَيُكَلِّمُ النَّاسَ فِي الْمَهْدِ وَكَهْلًا وَمِنَ الصَّالِحِينَ
और (बचपन में) जब झूले में पड़ा होगा और बड़ी उम्र का होकर (दोनों हालतों में यकसॉ) लोगों से बाते करेगा और नेको कारों में से होगा
47قَالَتْ رَبِّ أَنَّىٰ يَكُونُ لِي وَلَدٌ وَلَمْ يَمْسَسْنِي بَشَرٌ ۖ قَالَ كَذَٰلِكِ اللَّهُ يَخْلُقُ مَا يَشَاءُ ۚ إِذَا قَضَىٰ أَمْرًا فَإِنَّمَا يَقُولُ لَهُ كُن فَيَكُونُ
(ये सुनकर मरियम ताज्जुब से) कहने लगी परवरदिगार मुझे लड़का क्योंकर होगा हालॉकि मुझे किसी मर्द ने छुआ तक नहीं इरशाद हुआ इसी तरह ख़ुदा जो चाहता है करता है जब वह किसी काम का करना ठान लेता है तो बस कह देता है 'हो जा' तो वह हो जाता है
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अनुवाद — आल-इमरान 45

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Monday, September 28, 2026

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