अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بِكَلِمَةٍ مِّنْهُ: अल्लाह की ओर से एक कलिमा (बात) के द्वारा, यानी "कुन" (हो जा) के कहने से।
- الْمَسِيحُ: यह ईसा अलैहिस्सलाम की उपाधि है, जिसका अर्थ है धन्य, पवित्र, या जो पृथ्वी पर घूमने वाला हो।
- وَجِيهًا: ऊँचा दर्जा और सम्मान वाला, जिसकी बात मानी जाए।
- الْمُقَرَّبِينَ: अल्लाह के निकटवर्ती बंदे, जिन्हें विशेष सम्मान प्राप्त हो।
तफसीर (व्याख्या):
हे नबी! आप उस समय को याद करें जब फ़रिश्तों ने मरियम से कहा: "हे मरियम! अल्लाह तुम्हें एक ऐसे बेटे की खुशखबरी देता है जो अल्लाह की ओर से एक कलिमा (आदेश) से पैदा होगा। अल्लाह उससे कहेगा 'हो जा' और वह हो जाएगा। उसका नाम मसीह ईसा इब्ने मरियम होगा।" यह नाम उनकी माँ की ओर निस्बत किया गया, क्योंकि उनके पिता नहीं थे; यह इस बात का संकेत है कि वह बिना पिता के पैदा होंगे। यह बच्चा दुनिया में नबुव्वत, इज़्ज़त और लोगों पर फ़ज़ीलत के कारण बड़ा सम्मानित होगा, और आख़िरत में भी उसका दर्जा बुलंद होगा—वहाँ उसे शफ़ाअत (सिफ़ारिश) का अधिकार मिलेगा और जन्नत में उसका मक़ाम ऊँचा होगा। वह अल्लाह के निकटवर्ती बंदों में से होगा, और उसे आसमान पर उठाया जाएगा तथा फ़रिश्तों की संगत प्राप्त होगी।
फ़ायदे (लाभ):
- यह आयत अल्लाह की क़ुदरत (शक्ति) को दर्शाती है कि वह बिना किसी सामान्य कारण के भी किसी को पैदा कर सकता है। जब वह बिना पिता के ईसा को पैदा कर सकता है, तो उसके लिए कुछ भी मुश्किल नहीं है। यह हमें सिखाता है कि अल्लाह पर पूरा भरोसा रखें और उसकी क़ुदरत पर कभी शक न करें।
- फ़रिश्तों का मरियम को खुशखबरी देना दिखाता है कि अल्लाह अपने नेक बंदों को सम्मानित करता है और उन्हें अच्छे संदेश भेजता है। यह हमें अच्छे कर्मों की तरफ़ प्रेरित करता है ताकि हम भी अल्लाह की रहमत के हक़दार बनें।
- ईसा अलैहिस्सलाम की उपाधि "मसीह" और उनका "मुक़र्रबीन" में शामिल होना बताता है कि अल्लाह के नेक बंदों को दुनिया और आख़िरत दोनों में इज़्ज़त मिलती है। यह हमें यह सिखाता है कि सच्ची इज़्ज़त अल्लाह की रज़ा में है, न कि दुनिया के माल या ओहदे में।
- यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह की खुशखबरी कभी झूठी नहीं होती। जब अल्लाह किसी को कोई वादा करता है, तो वह पूरा होकर रहता है। इसलिए हमें अल्लाह के वादों पर यक़ीन रखना चाहिए और उसकी रहमत से कभी निराश नहीं होना चाहिए।
📜 आयत 43-47 — आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 45
सूरा आल-इमरान आयत 45 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (वह वाक़िया भी याद करो) जब फ़रिश्तों ने (मरियम) से…सूरा आयत 45/200 — आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: आल-इमरान सुनें, आल-इमरान अनुवाद, आल-इमरान mp3, आल-इमरान pdf. आयत 43–47. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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