Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تُصَعِّرْ: चेहरा फेर लेना, घमंड से मुँह मोड़ लेना।
- خَدَّكَ: अपना गाल (चेहरा)।
- مَرَحًا: इतराना, अकड़कर चलना, घमंड से भरा हुआ।
- مُخْتَالٍ: घमंडी, जो अपने आप को बड़ा समझे।
- فَخُورٍ: अपनी तारीफ़ खुद करने वाला, शेखी बघारने वाला।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने बंदों को नेक अख़्लाक़ (अच्छे आचरण) की तालीम देते हुए फ़रमाता है कि लोगों से बात करते समय या उनके सामने अपने चेहरे को घमंड और अहंकार के साथ न फेरो। यानी किसी से बात करते वक़्त उसे हक़ीर (तुच्छ) समझकर मुँह न मोड़ो, बल्कि नरमी, मुस्कुराहट और इनसानियत के साथ पेश आओ। यह एक बड़ी बुरी आदत है जो इंसान के दिल में किब्र (घमंड) पैदा करती है और लोगों के दिलों में नफ़रत का सबब बनती है।
इसी तरह अल्लाह तआला फ़रमाता है कि ज़मीन पर इतराते हुए, अकड़कर और घमंड से भरे अंदाज़ में न चलो। क्योंकि यह चाल अल्लाह को बिल्कुल पसंद नहीं है। जो शख्स अपनी चाल, अपनी बात, अपनी शक्ल और अपने हाव-भाव में घमंड रखता है और लोगों पर अपनी बड़ाई जताता है, अल्लाह उससे महब्बत (प्रेम) नहीं करता। वह ऐसे लोगों को पसंद नहीं करता जो अपनी तारीफ़ खुद करते हैं, अपनी नेमतों (अल्लाह की दी हुई दौलत, इल्म, ताकत) पर इतराते हैं और दूसरों को हेय (तुच्छ) समझते हैं।
यहाँ अल्लाह तआला हमें सिखाता है कि इंसान को हमेशा अज्ज़त (विनम्रता) और इनकिसारी (नम्रता) अपनानी चाहिए। जो लोग अल्लाह के बंदों के साथ नरमी और मुहब्बत से पेश आते हैं, अल्लाह उन्हें दुनिया और आख़िरत में इज़्ज़त देता है। और जो लोग घमंड करते हैं, वह अल्लाह की नज़र में सबसे ज़्यादा नापसंद हैं। याद रखो, घमंड सिर्फ़ अल्लाह की नेमतों का इनकार है, क्योंकि जब इंसान घमंड करता है तो वह भूल जाता है कि यह सब कुछ अल्लाह की देन है। इसलिए हमेशा शुक्रगुज़ार बनो, नम्र रहो और लोगों के साथ अच्छा सुलूक करो। यही वह रास्ता है जो अल्लाह की मुहब्बत और उसकी रहमत तक पहुँचाता है।
📜 आयत 16-20 — सूरा लुकमान
अनुवाद — लुकमान 18
सूरा लुकमान आयत 18 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और लोगों के सामने (गुरुर से) अपना मुँह न फुलाना…सूरा आयत 18/34 — सूरा लुकमान لقمان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा लुकमान सुनें, सूरा लुकमान अनुवाद, सूरा लुकमान mp3, सूरा लुकमान pdf. आयत 16–20. हिंदी अर्थ: اردو.
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Friday, October 2, 2026
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