Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مِنْ أَجْرٍ: बदला, पारिश्रमिक या कोई पारिश्रमिक।
- فَهُوَ لَكُمْ: वह (बदला) तुम्हारे लिए है, यानी तुम्ही का है।
- إِنْ أَجْرِيَ: मेरा बदला (प्रतिफल)।
- شَهِيدٌ: गवाह, हर चीज़ पर निगरानी रखने वाला, सब कुछ जानने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप इन मुशरिकों से कह दीजिए कि जो मैंने तुम्हें हिदायत और भलाई का संदेश पहुँचाया है, उसके बदले में मैंने तुमसे कोई मेहनताना या पारिश्रमिक नहीं माँगा। और अगर (फ़रज़न) मैंने कुछ माँगा भी होता, तो वह तुम्हारे लिए ही होता, यानी मैं तुमसे कुछ लेने का इच्छुक नहीं हूँ। मेरा प्रतिफल तो केवल अल्लाह के पास है, वही मुझे इसका बदला देगा। मैं तुमसे किसी सांसारिक लाभ की आशा नहीं रखता। अल्लाह हर चीज़ पर गवाह है, वह मेरे कार्यों और तुम्हारे कार्यों को भली-भाँति देख रहा है। वह जानता है कि मैंने तुम्हें सच्चाई और भलाई का संदेश पहुँचाया है, और वही तुम्हें तुम्हारे कर्मों का पूरा-पूरा बदला देगा। उसकी निगाह से कोई चीज़ छिपी नहीं है, न मेरी नीयत और न तुम्हारे क्रियाकलाप।
दावत और नसीहत (उपदेश):
यह आयत हमें सिखाती है कि दीन की दावत और अच्छे कामों का उद्देश्य कभी सांसारिक लाभ या लोगों से बदला लेना नहीं होना चाहिए। हमारा इनाम अल्लाह के पास सुरक्षित है, जो सब कुछ देखता और जानता है। यही वह विश्वास है जो मुसलमान को निःस्वार्थ भाव से अच्छाई फैलाने की ताकत देता है। जब हम जानते हैं कि अल्लाह हर चीज़ पर गवाह है, तो हमें किसी की प्रशंसा या निंदा की परवाह नहीं करनी चाहिए, बल्कि केवल अल्लाह की रज़ा का ध्यान रखना चाहिए। यही वह पवित्र नीयत है जो हमें सच्चा मुसलमान बनाती है और हमारे कर्मों को अल्लाह की दृष्टि में क़बूलियत दिलाती है। अल्लाह के पास हर अच्छे काम का बदला है, और वह कभी किसी का हक़ नहीं भूलता।
📜 आयत 45-49 — सूरा सबा
अनुवाद — सबा 47
सूरा सबा आयत 47 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम (ये भी) कह दो कि (तबलीख़े रिसालत…सूरा आयत 47/54 — सूरा सबा سبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा सबा सुनें, सूरा सबा अनुवाद, सूरा सबा mp3, सूरा सबा pdf. आयत 45–49. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा सबा
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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