अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- وَذَلَّلْنَاهَا: हमने उन्हें (जानवरों को) वश में कर दिया
- رَكُوبُهُمْ: उनकी सवारी
- يَأْكُلُونَ: वे खाते हैं
तफ़सीर:
अल्लाह तआला ने अपनी महान शक्ति और बेपनाह रहमत का ज़िक्र करते हुए बताया कि उसने इन चौपायों (जानवरों) को इंसान के लिए वश में कर दिया है। यह अल्लाह की बड़ी नेमत है कि ये जानवर, जो जंगली और खूँख्वार हो सकते थे, इंसान के काबू में हैं। उनमें से कुछ पर इंसान सवारी करता है, उन पर अपना सामान लादता है, लंबे सफ़र तय करता है, और कुछ से उसका गुज़ारा होता है—उनका गोश्त खाता है, उनका दूध पीता है, और उनकी खाल से फ़ायदा उठाता है।
यह आयत हमें अल्लाह की क़ुदरत पर ग़ौर करने की तरफ़ बुलाती है। जिस रब ने इन जानवरों को इंसान के ताबे में कर दिया, वही रब इंसान की हर ज़रूरत को जानता है और उसे पूरा करता है। यह सब कुछ अल्लाह की मेहरबानी से है, वरना ये जानवर इंसान के क़ाबू में कैसे आ सकते थे?
इस आयत से हमें सबक़ लेना चाहिए कि अल्लाह की नेमतों का शुक्र अदा करें। जब हम सवारी करें, खाना खाएँ, या इन जानवरों से कोई फ़ायदा उठाएँ, तो अल्लाह का शुक्रिया अदा करें और उसे याद करें। यह भी याद रखें कि ये सब नेमतें अल्लाह की तरफ़ से हैं, और अल्लाह ही इन्हें देने वाला है। जो शख्स अल्लाह की इन नेमतों पर ग़ौर करता है, उसका ईमान मज़बूत होता है और वह अल्लाह की मुहब्बत में बढ़ जाता है।
अल्लाह तआला ने यह भी बताया कि ये जानवर इंसान के लिए ज़ीनत और सुंदरता का सामान हैं, जैसा कि दूसरी आयतों में ज़िक्र आया है। यानी अल्लाह ने इन्हें सिर्फ़ काम के लिए ही नहीं, बल्कि इंसान की ख़ूबसूरती और रौनक़ के लिए भी बनाया है। यह अल्लाह की कमाल हिकमत और रहमत की दलील है।
इसलिए हमें चाहिए कि इन नेमतों को अल्लाह की नेमत समझकर उसका शुक्र अदा करें, और अल्लाह की इबादत में लगे रहें, क्योंकि अल्लाह ही सब कुछ देने वाला है और वही सबसे बड़ा मेहरबान है।
📜 आयत 70-74 — यासीन
अनुवाद — यासीन 72
सूरा यासीन आयत 72 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हम ही ने चार पायों को उनका मुतीय बना…सूरा आयत 72/83 — यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यासीन सुनें, यासीन अनुवाद, यासीन mp3, यासीन pdf. आयत 70–74. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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