अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَدَيْنَا: हमने फ़िदया (बदले में अर्पण) किया, यानी छुड़ाया।
- ذِبْحٍ: वह जानवर जिसे ज़िब्ह (क़ुर्बानी) के लिए गला जाता है।
- عَظِيمٍ: बहुत बड़ा, महान।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने अल्लाह के हुक्म पर अपने बेटे हज़रत इस्माईल अलैहिस्सलाम को क़ुर्बानी के लिए लिटा दिया और दोनों ने अल्लाह के आदेश के आगे सर झुका दिया, तो अल्लाह तआला ने अपने नबी की इस अज़ीमुल-शान फ़रमाबरदारी और सब्र को देखते हुए उन पर अपनी ख़ास रहमत फ़रमाई। अल्लाह ने हज़रत इस्माईल की जान बचाते हुए उनके फ़िदया में एक बहुत बड़ा जानवर (दुम्बा/मेढ़ा) भेजा, जिसे हज़रत इब्राहीम ने अल्लाह के हुक्म से ज़िब्ह किया।
यह क़ुर्बानी का जानवर इसलिए "अज़ीम" (महान) कहलाया क्योंकि यह हज़रत इस्माईल अलैहिस्सलाम के फ़िदया में आया था। यह अल्लाह की तरफ से एक बहुत बड़ी रहमत और इनायत थी, जो उसने अपने नेक बंदों पर फ़रमाई। इस घटना से हमें यह सीख मिलती है कि जब बंदा अल्लाह की राह में अपनी सबसे प्यारी चीज़ भी क़ुर्बान करने के लिए तैयार हो जाता है, तो अल्लाह उसे कभी निराश नहीं करता, बल्कि उसे उससे बेहतर अज्र और इनाम देता है।
यह वाक़िया हमारे लिए एक नुस्ख़े की तरह है कि अल्लाह की राह में क़ुर्बानी कभी ज़ाइया नहीं जाती। अल्लाह अपने बंदों की नीयत और उनके अमल को देखता है और उन्हें दुनिया और आख़िरत दोनों में भरपूर अज्र देता है। यही वजह है कि आज तक मुसलमान ईद-उल-अज़्हा के दिन इसी सुन्नत पर अमल करते हैं और अल्लाह की राह में क़ुर्बानी करते हैं, जो हज़रत इब्राहीम और हज़रत इस्माईल अलैहिमुस्सलाम की याद को ताज़ा करती है और हमें सिखाती है कि अल्लाह की मुहब्बत सबसे बड़ी चीज़ है।
📜 आयत 105-109 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 107
सूरा अस-साफ्फात आयत 107 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने इस्माईल का फ़िदया एक ज़िबाहे अज़ीम (बड़ी कुर्बानी)…सूरा आयत 107/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 105–109. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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