Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- सुल्तान: प्रमाण, हुज्जत, स्पष्ट दलील
- मुबीन: स्पष्ट, खुला हुआ, जो हर संदेह को दूर कर दे
तफसीर:
अर्थात, क्या तुम्हारे पास कोई स्पष्ट प्रमाण है जो तुम्हारे इस झूठे दावे की गवाही देता हो कि अल्लाह की कोई संतान है? क्या कोई ऐसी किताब या कोई रसूल तुम्हारे पास आया है जिसने यह बात कही हो? बिल्कुल नहीं! यह तो केवल तुम्हारा मनगढ़ंत झूठ है, जिसके पीछे न कोई तर्क है, न कोई प्रमाण, न कोई रहस्योद्घाटन।
यह आयत उन लोगों को जवाब दे रही है जो अल्लाह के बारे में बड़ी-बड़ी बातें कहते हैं, जैसे कि फ़रिश्तों को अल्लाह की बेटियाँ कहना या ईसा (अलैहिस्सलाम) को अल्लाह का बेटा कहना। अल्लाह तआला उनसे पूछते हैं: क्या तुम्हारे पास कोई स्पष्ट प्रमाण है? क्या कोई किताब या रसूल तुम्हारे इस दावे की ताईद करता है?
यह प्रश्न उन्हें चुप कराने के लिए है, क्योंकि कोई भी ऐसा प्रमाण नहीं है। यह केवल अटकलें और अंधविश्वास हैं जिन्हें उन्होंने अपनी ओर से गढ़ लिया है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि इस्लाम तर्क और प्रमाण का धर्म है। हमसे कहा गया है कि जो भी बात हम कहें, उसके पीछे स्पष्ट प्रमाण होना चाहिए। अल्लाह तआला ने कुरआन में कई जगह चुनौती दी है कि अगर तुम सच्चे हो तो अपना प्रमाण लाओ। यही इस्लाम की खूबसूरती है कि यह अंधविश्वास और बिना प्रमाण की बातों पर नहीं चलता, बल्कि हर चीज़ को तर्क और दलील से साबित करता है।
अल्लाह तआला की पाक ज़ात हर उस बात से पाक है जो ये लोग कहते हैं। वह एक है, अकेला है, उसकी कोई संतान नहीं, न वह किसी का बेटा है, और न उसका कोई साथी है। यही तौहीद का पैग़ाम है जो हर नबी लेकर आया। हमें चाहिए कि हम इसी पाक अक़ीदे पर दृढ़ रहें और लोगों को भी इसी ओर बुलाएँ — एक ऐसे अल्लाह की ओर जो सबसे बड़ा, सबसे शक्तिशाली और सबसे दयालु है, और जिसने हमें इस सुंदर दीन से नवाज़ा है।
📜 आयत 154-158 — सूरा अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 156
सूरा अस-साफ्फात आयत 156 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : या तुम्हारे पास (इसकी) कोई वाज़ेए व रौशन दलील हैसूरा आयत 156/182 — सूरा अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अस-साफ्फात सुनें, सूरा अस-साफ्फात अनुवाद, सूरा अस-साफ्फात mp3, सूरा अस-साफ्फात pdf. आयत 154–158. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अस-साफ्फात
पवित्र क़ुरआन
Sunday, October 4, 2026
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