अस-साफ्फात · 161/182
अनुवाद उच्चारण — सूरा अस-साफ्फात
فَإِنَّكُمْ وَمَا تَعْبُدُونَ ۝١٦١
Fa innakum wa maa ta`ubdoon
📖 हिंदी अर्थ
ग़रज़ तुम लोग खुद और तुम्हारे माबूद

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • فَإِنَّكُمْ: बेशक तुम (ऐ मुशरिकों!)
  • وَمَا تَعْبُدُونَ: और जिन्हें तुम पूजते हो (अर्थात तुम्हारे माबूद)

तफ़सीर:

ऐ मुशरिकों! बेशक तुम और वो सब कुछ जिन्हें तुम अल्लाह को छोड़कर पूजते हो — चाहे वो मूर्तियाँ हों, बुत हों, या कोई और माबूद — तुम सब मिलकर भी अल्लाह के बंदों में से किसी को गुमराह नहीं कर सकते। तुम्हारी ये कोशिशें और तुम्हारे धोखे उन लोगों पर असर नहीं डाल सकते जिन्हें अल्लाह ने हिदायत दी है।

हाँ, अल्लाह के इल्म और उसकी मशीयत (इच्छा) के मुताबिक, जो लोग अपनी सरकशी और ज़ुल्म की वजह से जहन्नम में जलने के लिए लिख दिए गए हैं, वही तुम्हारे बहकावे में आ सकते हैं। यानी तुम्हारा असर सिर्फ उन्हीं पर होता है जो खुद हक़ को क़बूल करने से इनकार करते हैं और अपनी हठधर्मी पर अड़े रहते हैं।

ये आयत मुशरिकों को चुनौती देती है कि तुम अपनी ताक़त और अपने माबूदों की ताक़त मिलाकर भी अल्लाह के रास्ते पर चलने वालों को नहीं भटका सकते। ये बात मोमिनों के लिए बड़ी तसल्ली और हौसले की है कि उनका रक्षक खुद अल्लाह है, और कोई ताक़त उन्हें उसके रास्ते से हटा नहीं सकती।

प्यारे भाइयों और बहनों! याद रखिए, जब आप अल्लाह के सहारे हों, तो दुनिया की तमाम बुराइयाँ और गुमराह करने वाली ताक़तें मिलकर भी आपको नुक़सान नहीं पहुँचा सकतीं। अल्लाह ने अपने बंदों पर जो मेहरबानी की है, वो ये है कि उसने हक़ का रास्ता साफ़ कर दिया है और जो लोग सच्चे दिल से उसकी तरफ़ रुजू करते हैं, उन्हें वो गुमराही से बचा लेता है। आइए, हम सब अल्लाह की रहमत और हिदायत के तलबगार बनें, और उसके दीन को मज़बूती से थामे रहें — क्योंकि सच्ची कामयाबी और नजात सिर्फ़ अल्लाह की राह में है।



📜 आयत 159-163 — सूरा अस-साफ्फात

159سُبْحَانَ اللَّهِ عَمَّا يَصِفُونَ
ये लोग जो बातें बनाया करते हैं इनसे खुदा पाक साफ़ है
160إِلَّا عِبَادَ اللَّهِ الْمُخْلَصِينَ
मगर खुदा के निरे खरे बन्दे (ऐसा नहीं कहते)
161فَإِنَّكُمْ وَمَا تَعْبُدُونَ
ग़रज़ तुम लोग खुद और तुम्हारे माबूद
162مَا أَنتُمْ عَلَيْهِ بِفَاتِنِينَ
उसके ख़िलाफ (किसी को) बहका नहीं सकते
163إِلَّا مَنْ هُوَ صَالِ الْجَحِيمِ
मगर उसको जो जहन्नुम में झोंका जाने वाला है
अस-साफ्फातकुरान सूची
182आयत
मक्कीअवतरण स्थान
161आयत

अनुवाद — अस-साफ्फात 161

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Friday, October 2, 2026

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