अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَإِنَّكُمْ: बेशक तुम (ऐ मुशरिकों!)
- وَمَا تَعْبُدُونَ: और जिन्हें तुम पूजते हो (अर्थात तुम्हारे माबूद)
तफ़सीर:
ऐ मुशरिकों! बेशक तुम और वो सब कुछ जिन्हें तुम अल्लाह को छोड़कर पूजते हो — चाहे वो मूर्तियाँ हों, बुत हों, या कोई और माबूद — तुम सब मिलकर भी अल्लाह के बंदों में से किसी को गुमराह नहीं कर सकते। तुम्हारी ये कोशिशें और तुम्हारे धोखे उन लोगों पर असर नहीं डाल सकते जिन्हें अल्लाह ने हिदायत दी है।
हाँ, अल्लाह के इल्म और उसकी मशीयत (इच्छा) के मुताबिक, जो लोग अपनी सरकशी और ज़ुल्म की वजह से जहन्नम में जलने के लिए लिख दिए गए हैं, वही तुम्हारे बहकावे में आ सकते हैं। यानी तुम्हारा असर सिर्फ उन्हीं पर होता है जो खुद हक़ को क़बूल करने से इनकार करते हैं और अपनी हठधर्मी पर अड़े रहते हैं।
ये आयत मुशरिकों को चुनौती देती है कि तुम अपनी ताक़त और अपने माबूदों की ताक़त मिलाकर भी अल्लाह के रास्ते पर चलने वालों को नहीं भटका सकते। ये बात मोमिनों के लिए बड़ी तसल्ली और हौसले की है कि उनका रक्षक खुद अल्लाह है, और कोई ताक़त उन्हें उसके रास्ते से हटा नहीं सकती।
प्यारे भाइयों और बहनों! याद रखिए, जब आप अल्लाह के सहारे हों, तो दुनिया की तमाम बुराइयाँ और गुमराह करने वाली ताक़तें मिलकर भी आपको नुक़सान नहीं पहुँचा सकतीं। अल्लाह ने अपने बंदों पर जो मेहरबानी की है, वो ये है कि उसने हक़ का रास्ता साफ़ कर दिया है और जो लोग सच्चे दिल से उसकी तरफ़ रुजू करते हैं, उन्हें वो गुमराही से बचा लेता है। आइए, हम सब अल्लाह की रहमत और हिदायत के तलबगार बनें, और उसके दीन को मज़बूती से थामे रहें — क्योंकि सच्ची कामयाबी और नजात सिर्फ़ अल्लाह की राह में है।
📜 आयत 159-163 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 161
सूरा अस-साफ्फात आयत 161 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ग़रज़ तुम लोग खुद और तुम्हारे माबूदसूरा आयत 161/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 159–163. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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