अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَا أَنتُمْ عَلَيْهِ بِفَاتِنِينَ: तुम उस (अल्लाह) के बारे में किसी को गुमराह करने वाले नहीं हो।
विस्तृत तफसीर:
ऐ मुशरिको! तुम और तुम्हारे ये झूठे देवता, जिन्हें तुम अल्लाह का साझी बनाते हो, अल्लाह के सच्चे और खरे बंदों को उनके दीन से नहीं भटका सकते। तुम्हारी सारी कोशिशें, चालें और जादू-टोने उन लोगों पर असर नहीं कर सकते जिन्होंने अपने दिल को ईमान की रोशनी से रोशन कर लिया है। अल्लाह तआला ने अपने बंदों की हिफाजत का जिम्मा खुद ले रखा है, और वह उन्हें तुम्हारे वसवसों और फरेबों से महफूज़ रखता है।
हाँ, अल्लाह की मशिय्यत (इच्छा) और उसके फैसले के मुताबिक, जिस पर अल्लाह ने अपना अज़ाब लिख दिया है—यानी वह लोग जो अपनी सरकशी, ज़ुल्म और कुफ्र पर अड़े रहते हैं—वह तुम्हारे बहकावे में आ सकते हैं, लेकिन यह तुम्हारी ताकत से नहीं, बल्कि अल्लाह के इल्म और अदल के मुताबिक होता है। असल में तुम्हारा वसवसा सिर्फ उन्हीं के लिए है जिनके दिल पहले से बीमार हैं और जिन्होंने हक को नकारने का फैसला कर लिया है।
यह आयत मोमिनीन के लिए बड़ी खुशखबरी और इत्मिनान का पैगाम है। यह बताती है कि अल्लाह के सच्चे बंदे किसी भी गुमराह करने वाले के नुकसान से महफूज़ हैं। जब तक तुम अल्लाह से जुड़े रहोगे, उसकी रस्सी को थामे रहोगे, तो कोई ताकत तुम्हें राहे-हक से नहीं भटका सकती। यही वह वादा है जो अल्लाह ने अपने नेक बंदों से किया है—कि वह उन्हें शैतान और उसके साथियों के मकर से बचाएगा।
इसलिए ऐ ईमान वालों! अपने दीन पर मजबूती से कायम रहो, अल्लाह पर भरोसा रखो, और यह यकीन रखो कि सच्चाई की मदद अल्लाह करता है। तुम्हारी कामयाबी इसी में है कि तुम अपने रब की इबादत में मशगूल रहो और उसके रास्ते पर चलते रहो। अल्लाह तुम्हें हर बुराई से बचाएगा और तुम्हें वह इज्जत देगा जो उसके वली (प्यारे बंदों) को दी जाती है।
📜 आयत 160-164 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 162
सूरा अस-साफ्फात आयत 162 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उसके ख़िलाफ (किसी को) बहका नहीं सकतेसूरा आयत 162/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 160–164. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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