अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُطَافُ عَلَيْهِمْ: उनके सामने चक्कर लगाया जाता है, यानी सेवक उनके पास आते-जाते हैं।
- بِكَأْسٍ: प्याले से, जो शराब का पात्र होता है।
- مِنْ مَعِينٍ: बहते हुए (पानी या शराब) से, जो स्रोत से लगातार जारी हो।
विस्तृत तफसीर:
यह आयत उन नेक बंदों के आनंद और सम्मान का वर्णन कर रही है जिन्हें अल्लाह तआला ने जन्नत से नवाज़ा है। अल्लाह फरमाता है कि जन्नत के खिदमतगार (सेवक) उनके सामने शराब के प्याले लेकर आते-जाते हैं, जो बहते हुए चश्मों से भरे होते हैं। यह शराब दुनिया की शराब की तरह नहीं है, बल्कि यह पवित्र, साफ और बहती हुई नहरों से निकलती है, जिसका स्रोत कभी सूखता नहीं और न ही उसमें कोई कमी आती है। यह प्याले उनके सामने इस तरह घुमाए जाते हैं कि वे जब चाहें, जितना चाहें, पी सकते हैं — यह उनकी इज़्ज़त और आज़ादी की निशानी है।
यह शराब दुनिया की शराब से बिल्कुल अलग है — दुनिया की शराब में नुकसान, सिरदर्द, बेहोशी और अक्ल की खराबी होती है, लेकिन जन्नत की यह शराब निहायत लज़ीज़, सफेद, चमकती हुई और खुशबूदार है। इसे पीने से न कोई नुकसान होता है, न अक्ल पर असर पड़ता है, न सिर में दर्द होता है, और न ही कोई बुराई पैदा होती है। यह पूरी तरह पाक और आनंददायक है।
इस आयत में अल्लाह तआला ने जन्नत के उस इनाम का ज़िक्र किया है जो उसके मुतक़ी (परहेज़गार) बंदों के लिए तैयार है। यह उन लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है जो दुनिया में अल्लाह के हुक्मों का पालन करते हैं और उसकी नाफ़रमानी से बचते हैं। जिस तरह दुनिया में इंसान अपनी मेहनत और लगन से अच्छी चीज़ें हासिल करता है, उसी तरह आख़िरत की ये नेअमतें उनके ईमान और अच्छे आमाल का नतीजा हैं।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह तआला अपने बंदों पर बहुत मेहरबान है और उनके लिए ऐसी चीज़ें तैयार करता है जिनका कोई आँखों ने देखा नहीं, कानों ने सुना नहीं और किसी दिल ने कल्पना भी नहीं की। इसलिए हमें चाहिए कि हम दुनिया की फ़ानी (नाशवान) खुशियों पर भरोसा न करें, बल्कि उस हमेशा रहने वाली ज़िंदगी की तैयारी करें जहाँ की नेअमतें कभी खत्म नहीं होतीं। अल्लाह से दुआ करें कि वह हमें जन्नत की इन नेअमतों का हक़दार बनाए और हमें सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 43-47 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 45
सूरा अस-साफ्फात आयत 45 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उनमें साफ सफेद बुर्राक़ शराब के जाम का दौर चल…सूरा आयत 45/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 43–47. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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