Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- إِن كُلٌّ إِلَّا: "कोई भी नहीं, सिवाय..." अर्थात हर एक ने।
- كَذَّبَ الرُّسُلَ: रसूलों को झुठलाया।
- فَحَقَّ عِقَابِ: तो उन पर मेरी सज़ा वाजिब हो गई।
तफ़सीर (व्याख्या):
ये आयत उन गिरोहों (जुंदों) का ज़िक्र कर रही है जो अल्लाह के रसूलों को झुठलाने में एकजुट हो गए थे। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि इनमें से हर एक ने रसूलों को झुठलाया, और जब उन्होंने अपने नबी को झुठलाया तो गोया उन्होंने सभी रसूलों को झुठला दिया, क्योंकि सभी रसूलों का दीन और पैग़ाम एक ही था। जो एक रसूल को नहीं मानता, वह असल में सारे रसूलों की दावत को नकारता है।
इससे पहले की आयात में अल्लाह ने उन गिरोहों का हाल बयान किया जो अपने नबियों के खिलाफ इकट्ठे हुए — नूह की क़ौम, आद, फ़िरऔन जो बड़ी ताक़त रखता था, समूद, लूत की क़ौम, और "अल-ऐकह" (बाग़ों वाले) यानी शुऐब अलैहिस्सलाम की क़ौम। ये सब अपने-अपने नबियों को झुठलाने में एक जैसे थे, इसलिए अल्लाह का अज़ाब उन पर नाज़िल हुआ और उनकी सज़ा वाजिब हो गई।
इस आयत में एक बड़ी सीख है — अल्लाह की सज़ा कभी जल्दी नहीं आती, लेकिन ज़रूर आती है। जो लोग हक़ को नकारते हैं और नबियों की दावत को ठुकराते हैं, वे अल्लाह के अज़ाब से बच नहीं सकते, चाहे उन्हें कितनी भी मोहलत मिल जाए। ये इतिहास के सबक हैं जो हमें बताते हैं कि अल्लाह का क़ानून बदलता नहीं — सत्य का इनकार करने वालों का अंजाम हमेशा बुरा होता है।
प्यारे भाइयो और बहनो! ये आयत हमें चेतावनी देती है कि हम अपने नबी ﷺ की लाई हुई हिदायत को कभी न ठुकराएँ। जो लोग पहले गुज़रे, उन्होंने अपने नबियों को झुठलाया और तबाह हो गए। आज हमारे पास आख़िरी रसूल ﷺ का पैग़ाम है — कुरआन और सुन्नत। अगर हम इसे अपनाएँगे तो दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब होंगे, और अगर इसे छोड़ेंगे तो अल्लाह की पकड़ से कोई नहीं बचा सकता। अल्लाह हमें सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 12-16 — सूरा साद
अनुवाद — साद 14
सूरा साद आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (जो शिकस्त खा चुके) सब ही ने तो पैग़म्बरों को…सूरा आयत 14/88 — सूरा साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा साद सुनें, सूरा साद अनुवाद, सूरा साद mp3, सूरा साद pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा साद
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


