साद · 17/88
अनुवाद उच्चारण — साद
اصْبِرْ عَلَىٰ مَا يَقُولُونَ وَاذْكُرْ عَبْدَنَا دَاوُودَ ذَا الْأَيْدِ ۖ إِنَّهُ أَوَّابٌ ۝١٧
Isbir `alaa maa yaqooloona wazkur `abdanaa Daawooda zal aidi aidi innahooo awwaab
📖 हिंदी अर्थ
(ऐ रसूल) जैसी जैसी बातें ये लोग करते हैं उन पर सब्र करो और हमारे बन्दे दाऊद को याद करो जो बड़े कूवत वाले थे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • ذَا الْأَيْدِ: अर्थात शक्ति और बल वाला। यहाँ इसका अर्थ है धर्म और इबादत में दृढ़ता और शक्ति।
  • أَوَّابٌ: बहुत अधिक रुजू करने वाला, अल्लाह की ओर लौटने वाला, तौबा करने वाला।

तफ़सीर:

ऐ नबी! जो बातें ये मुक़ज्जिब (झुठलाने वाले) आपके बारे में कहते हैं, जो आपको दुखी करती हैं, उन पर धैर्य रखें। अल्लाह आपकी मदद करने वाला है और आपको विजय प्रदान करेगा। आप अपने उस बंदे दाऊद (अलैहिस्सलाम) को याद करें, जो शक्ति और बल वाला था। उसमें दुश्मनों से मुक़ाबला करने की ताक़त थी और अल्लाह की इबादत और आज्ञाकारिता में भी वह अत्यंत दृढ़ था। वह बहुत अधिक अल्लाह की ओर रुजू करने वाला, तौबा करने वाला और उसकी रज़ा के कामों में लगा रहने वाला था।

इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) को तसल्ली देते हैं कि जिस प्रकार दाऊद (अलैहिस्सलाम) ने कठिनाइयों और मुश्किलों का सामना किया और धैर्य से काम लिया, उसी प्रकार आप भी धैर्य रखें। अल्लाह अपने नेक बंदों की मदद करता है और उन्हें कामयाबी देता है। यह सबक हम सबके लिए है कि जब हमें किसी कठिनाई या तकलीफ का सामना करना पड़े, तो हमें धैर्य और सब्र से काम लेना चाहिए, और अल्लाह की ओर रुजू करना चाहिए। अल्लाह उन लोगों से मुहब्बत करता है जो उसकी ओर बार-बार लौटते हैं और अपनी गलतियों पर तौबा करते हैं। यही वह रास्ता है जो हमें अल्लाह की रहमत और मग़फिरत तक पहुँचाता है।



📜 आयत 15-19 — साद

15وَمَا يَنظُرُ هَٰؤُلَاءِ إِلَّا صَيْحَةً وَاحِدَةً مَّا لَهَا مِن فَوَاقٍ
और ये (काफिर) लोग बस एक चिंघाड़ (सूर के मुन्तज़िर हैं जो फिर उन्हें) चश्में ज़दन की मोहलत न देगी
16وَقَالُوا رَبَّنَا عَجِّل لَّنَا قِطَّنَا قَبْلَ يَوْمِ الْحِسَابِ
और ये लोग (मज़ाक से) कहते हैं कि परवरदिगार हिसाब के दिन (क़यामत के) क़ब्ल ही (जो) हमारी क़िस्मत को लिखा (हो) हमें जल्दी दे दे
17اصْبِرْ عَلَىٰ مَا يَقُولُونَ وَاذْكُرْ عَبْدَنَا دَاوُودَ ذَا الْأَيْدِ ۖ إِنَّهُ أَوَّابٌ
(ऐ रसूल) जैसी जैसी बातें ये लोग करते हैं उन पर सब्र करो और हमारे बन्दे दाऊद को याद करो जो बड़े कूवत वाले थे
18إِنَّا سَخَّرْنَا الْجِبَالَ مَعَهُ يُسَبِّحْنَ بِالْعَشِيِّ وَالْإِشْرَاقِ
बेशक वह हमारी बारगाह में बड़े रूजू करने वाले थे हमने पहाड़ों को भी ताबेदार बना दिया था कि उनके साथ सुबह और शाम (खुदा की) तस्बीह करते थे
19وَالطَّيْرَ مَحْشُورَةً ۖ كُلٌّ لَّهُ أَوَّابٌ
और परिन्दे भी (यादे खुदा के वक्त सिमट) आते और उनके फरमाबरदार थे
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अनुवाद — साद 17

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सूरा आयत 17/88 — साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: साद सुनें, साद अनुवाद, साद mp3, साद pdf. आयत 15–19. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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