Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُذْهِبْكُمْ: वह तुम्हें मिटा दे, नष्ट कर दे या तुम्हें ले जाए।
- وَيَأْتِ بِآخَرِينَ: और दूसरे लोगों को ले आए (पैदा करे)।
- قَدِيرًا: हर चीज़ पर पूर्ण सामर्थ्य रखने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में सभी लोगों को संबोधित करते हुए एक गंभीर चेतावनी दे रहा है। वह कहता है: "ऐ लोगों! यदि अल्लाह चाहे तो वह तुम सबको नष्ट कर सकता है और तुम्हारे स्थान पर दूसरे लोगों को ला सकता है, जो उसकी आज्ञा का पालन करने वाले हों और उसकी अवज्ञा न करते हों।" यह एक ओर काफ़िरों और नाफ़रमानों के लिए सख़्त तहदीद (धमकी) है कि अल्लाह की शक्ति को कमज़ोर न समझो, वह जब चाहे तुम्हें मिटाकर तुमसे बेहतर लोगों को पैदा कर सकता है। दूसरी ओर यह मोमिनों के लिए तसल्ली है कि अल्लाह की मदद उसके सच्चे बंदों के साथ है, और वह किसी का मोहताज नहीं। अल्लाह की क़ुदरत (शक्ति) हर चीज़ पर हावी है, न तो उसे किसी की ज़रूरत है और न ही कोई चीज़ उसे विवश कर सकती है। वह जब चाहता है, किसी को मिटाकर दूसरों को पैदा कर देता है, और यह उसके लिए बिल्कुल आसान है।
फ़ायदे (उपदेश):
- इस आयत से हमें अल्लाह की अज़ीमुश्शान क़ुदरत का एहसास होता है, जो किसी पर निर्भर नहीं। यह हमें सिखाती है कि हमें अल्लाह के सामने अपनी नाफ़रमानी और घमंड से बचना चाहिए, क्योंकि हमारा अस्तित्व उसकी मर्ज़ी पर टिका है।
- यह आयत हमें यह सबक देती है कि अल्लाह की राह में आज्ञाकारिता और ईमान ही हमारी असली पहचान है। अगर हम नाफ़रमानी करें, तो अल्लाह हमें बदलकर दूसरे लोगों को ला सकता है, जो उसके दीन को मज़बूत करेंगे।
- यह मोमिनों के दिलों को तसल्ली देती है कि अल्लाह अपने दीन की मदद के लिए हमेशा रास्ता निकालता है, चाहे हम कमज़ोर ही क्यों न हों। उसकी मदद का भरोसा हमें साहस और स्थिरता प्रदान करता है।
- यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि हमें अपनी ताकत और संख्या पर घमंड नहीं करना चाहिए, बल्कि अल्लाह की तरफ़ रुजू करना चाहिए, क्योंकि असली इज़्ज़त और बरकत उसकी आज्ञाकारिता में है।
📜 आयत 131-135 — सूरा अन-निसा
अनुवाद — अन-निसा 133
सूरा अन-निसा आयत 133 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ लोगों अगर ख़ुदा चाहे तो तुमको (दुनिया के परदे…सूरा आयत 133/176 — सूरा अन-निसा النساء (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-निसा सुनें, सूरा अन-निसा अनुवाद, सूरा अन-निसा mp3, सूरा अन-निसा pdf. आयत 131–135. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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