Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- बल रफ़अहुल्लाहु इलैहि: बल्कि अल्लाह ने उसे (ईसा अलैहिस्सलाम को) अपनी ओर उठा लिया।
- अज़ीज़: सर्वशक्तिमान, जो अपनी इच्छा के विरुद्ध किसी को कुछ करने की शक्ति न दे।
- हकीम: अत्यंत तत्वदर्शी, जो हर काम हिकमत (बुद्धिमत्ता) और उचित प्रयोजन के साथ करता है।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला ने यहूदियों के उस दावे का खंडन किया है जिसमें वे कहते थे कि उन्होंने ईसा अलैहिस्सलाम को सूली पर चढ़ा दिया और उन्हें मार डाला। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि ऐसा नहीं हुआ, बल्कि उन्होंने न तो ईसा को मारा और न ही सूली पर चढ़ाया, बल्कि अल्लाह ने अपनी कुदरत से उन्हें उनके शरीर और रूह के साथ जीवित हालत में अपनी ओर उठा लिया। यह उठाना अल्लाह की विशेष रहमत और सम्मान था, जिससे उसने अपने नबी को काफिरों की साजिश से बचाया और उन्हें पवित्र किया।
अल्लाह तआला ने फ़रमाया कि वह अज़ीज़ है, यानी सर्वशक्तिमान है, कोई उस पर ग़ालिब नहीं आ सकता, और वह हकीम है, यानी हर काम में उसकी गहरी हिकमत होती है। उसने ईसा अलैहिस्सलाम के साथ जो कुछ किया, वह उसकी हिकमत और इलाही तदबीर के अनुसार था। यह घटना हमारे लिए इस बात का सबूत है कि अल्लाह की कुदरत हर चीज़ पर हावी है, और वह अपने नेक बंदों को हमेशा हिफ़ाज़त फ़रमाता है।
यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए, क्योंकि वही सबसे बड़ा रक्षक है। ईसा अलैहिस्सलाम की तरह हमें भी अपने जीवन में अल्लाह की राह पर साबित क़दम रहना चाहिए, और यह यक़ीन रखना चाहिए कि अल्लाह अपने मोमिन बंदों को कभी अकेला नहीं छोड़ता। यह घटना हमारे लिए सबक़ है कि सच्चाई और ईमान ही अंततः फ़तह (विजय) पाता है, चाहे दुश्मन कितनी भी साजिशें क्यों न करें। अल्लाह हर मुश्किल से निकलने का रास्ता निकालता है और अपने बंदों को इज़्ज़त देता है। इसलिए हमें अपने जीवन में भी अल्लाह की रहमत और कुदरत पर पूरा भरोसा रखना चाहिए और उसकी इबादत में मशगूल रहना चाहिए।
📜 आयत 156-160 — सूरा अन-निसा
अनुवाद — अन-निसा 158
सूरा अन-निसा आयत 158 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बल्कि ख़ुदा ने उन्हें अपनी तरफ़ उठा लिया और ख़ुदा…सूरा आयत 158/176 — सूरा अन-निसा النساء (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-निसा सुनें, सूरा अन-निसा अनुवाद, सूरा अन-निसा mp3, सूरा अन-निसा pdf. आयत 156–160. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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