अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بَأْسَنَا: हमारा कठोर अज़ाब (यातना)।
- آمَنَّا: हम ईमान लाए।
- كَفَرْنَا: हमने इन्कार किया।
- مُشْرِكِينَ: जिन्हें हम अल्लाह का साझी ठहराते थे।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब ये ज़ालिम लोग हमारे अज़ाब को अपनी आँखों से देख लेते हैं और मौत के फ़रिश्ते उनके सामने आ जाते हैं, तो उस वक़्त उनकी ज़ुबान से निकलता है: "हम अल्लाह पर ईमान लाए, अकेले उसी पर, और हमने उन सब चीज़ों से इन्कार किया जिन्हें हम उसका साझी ठहराते थे।" लेकिन यह ईमान उस वक़्त किसी काम का नहीं, क्योंकि यह ईमान मजबूरी का ईमान है, इख़्तियार (स्वतंत्र विकल्प) का नहीं। जब अज़ाब आ जाए, तो ईमान लाना बेकार है—जैसे फ़िरऔन ने डूबते वक़्त कहा था "मैं ईमान लाया", लेकिन उसका ईमान क़बूल नहीं हुआ।
यह वही हालत है जब इंसान पर मौत की सख्तियाँ तारी हो जाती हैं, और वह देख लेता है कि जो कुछ उसे डराया जा रहा था, वह सब सच है। उस वक़्त वह अपने झूठे माबूदों से बराअत (बेज़ारी) का इज़हार करता है, मगर यह इज़हार उसे अज़ाब से नहीं बचा सकता। अल्लाह तआला ने क़ुरआन में इसका ज़िक्र इसलिए किया है ताकि हम सीखें कि ईमान उसी वक़्त क़बूल है जब वह दुनिया में, हालात सामान्य हों, और इंसान अपनी मर्ज़ी से अल्लाह की तरफ़ रुजू करे।
दावत और नसीहत:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बहुत बड़ी सीख देती है। अल्लाह तआला ने हमें मोहलत दी है, हमारी उम्र का हर लम्हा हमारे लिए रहमत और मौक़ा है। आज हमारे पास वक़्त है कि हम अपने रब की तरफ़ पलटें, उसकी इबादत करें, और उसके साथ किसी को शरीक न करें। अल्लाह ने हम पर बड़ा एहसान किया है कि उसने हमें मुसलमान बनाया और हमें सीधा रास्ता दिखाया। हमें उस वक़्त का इंतज़ार नहीं करना चाहिए जब ईमान काम न आए। आज ही तौबा कर लें, आज ही अपने अमल सुधार लें, और अल्लाह की रहमत के साये में आ जाएँ। अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान है, वह अपने बंदों की तौबा क़बूल करता है और गुनाहों को माफ़ कर देता है। याद रखिए, अल्लाह की रहमत उसके अज़ाब से कहीं ज़्यादा वसीअ (विस्तृत) है, लेकिन उसकी पकड़ भी बहुत सख्त है। हमें दोनों के बीच संतुलन रखना चाहिए—उम्मीद भी रखें और डर भी।
📜 आयत 82-85 — ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 84
सूरा ग़ाफिर आयत 84 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो जब इन लोगों ने हमारे अज़ाब को देख लिया…सूरा आयत 84/85 — ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ग़ाफिर सुनें, ग़ाफिर अनुवाद, ग़ाफिर mp3, ग़ाफिर pdf. आयत 82–85. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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