अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَتَاعُ الْحَيَاةِ الدُّنْيَا: दुनिया की ज़िंदगी का अस्थायी सामान और फायदा।
- خَيْرٌ وَأَبْقَى: बेहतर और अधिक स्थायी।
- يَتَوَكَّلُونَ: भरोसा करते हैं।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ लोगों! जो कुछ भी तुम्हें दिया गया है—चाहे वह माल हो, औलाद हो, ओहदा हो या कोई और दुनियावी चीज़—वह सब इस दुनिया की ज़िंदगी का केवल अस्थायी सामान है। यह चंद रोज़ का साज़ो-सामान है, जो जल्द ही खत्म हो जाने वाला है। यह न तो हमेशा रहता है और न ही इसका कोई स्थायी मूल्य है। इसके विपरीत, जो कुछ अल्लाह के पास है—यानी जन्नत की नेमतें और उसकी रज़ा—वह इन सब चीज़ों से कहीं बेहतर है और हमेशा रहने वाला है। वह कभी खत्म नहीं होता और न ही घटता है।
यह स्थायी और बेहतर इनाम उन लोगों के लिए है जो अल्लाह और उसके रसूलों पर ईमान लाए, और जिन्होंने अपने रब पर पूरा भरोसा किया। वे अपने सारे मामलों में सिर्फ अल्लाह पर ही तवक्कुल करते हैं, उसी से मदद मांगते हैं और उसी के सामने अपने दिलों को झुकाते हैं। यही वे लोग हैं जिनके लिए अल्लाह के पास वह कुछ है जो दुनिया की हर चीज़ से बेहतर और हमेशा रहने वाला है।
दावत और नसीहत:
यह आयत हमें सिखाती है कि दुनिया की चीज़ें भले ही कितनी खूबसूरत और आकर्षक दिखें, लेकिन वे अस्थायी हैं। जो व्यक्ति अपनी नज़रें सिर्फ दुनिया पर रखता है, वह उस मिट्टी के घर में रहता है जो कभी भी ढह सकता है। लेकिन जो व्यक्ति अपनी नज़रें अल्लाह पर रखता है और उस पर भरोसा करता है, वह एक ऐसे महल में रहता है जो कभी नहीं ढहता। तो ऐ बंदे! अपनी ज़िंदगी को सिर्फ दुनिया के अस्थायी सुखों तक सीमित मत रखो। अल्लाह पर भरोसा करो, उसकी राह में चलो, और उससे उस चीज़ की उम्मीद रखो जो हमेशा रहने वाली है। यही सच्ची कामयाबी है, और यही वह रास्ता है जो हमें सुकून और खुशी की असली मंज़िल तक पहुँचाता है।
📜 आयत 34-38 — अश-शूरा
अनुवाद — अश-शूरा 36
सूरा अश-शूरा आयत 36 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (लोगों) तुमको जो कुछ (माल) दिया गया है वह दुनिया…सूरा आयत 36/53 — अश-शूरा الشورى (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शूरा सुनें, अश-शूरा अनुवाद, अश-शूरा mp3, अश-शूरा pdf. आयत 34–38. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








