अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- إِنْ هُوَ إِلَّا – वह और कुछ नहीं है
- عَبْدٌ – बंदा (अल्लाह का सेवक)
- أَنْعَمْنَا عَلَيْهِ – हमने उस पर कृपा की (अनुग्रह किया)
- مَثَلًا – एक निशानी/उदाहरण (सबक और सबूत)
- لِبَنِي إِسْرَائِيلَ – बनी इस्राईल (इस्राईल की संतान) के लिए
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) की असलियत बयान कर रहा है, ताकि लोग उनके बारे में ग़लत अक़ीदे न रखें। अल्लाह फ़रमाता है कि ईसा (अलैहिस्सलाम) कोई ईश्वर या अल्लाह का बेटा नहीं हैं, बल्कि वह सिर्फ़ अल्लाह के एक नेक बंदे और पैग़म्बर थे। अल्लाह ने उन पर अपनी विशेष कृपा की और उन्हें नबुव्वत (पैग़म्बरी) का महान पद प्रदान किया।
अल्लाह ने उन्हें बनी इस्राईल के लिए एक "निशानी" और "सबक" बनाया। यानी उनका बिना पिता के पैदा होना अल्लाह की क़ुदरत (शक्ति) की एक अद्भुत निशानी थी, जिससे लोग समझ सकें कि अल्लाह जो चाहता है, वह करता है। जिस तरह अल्लाह ने आदम (अलैहिस्सलाम) को बिना माँ-बाप के पैदा किया, उसी तरह ईसा (अलैहिस्सलाम) को बिना पिता के पैदा किया। यह अल्लाह की क़ुदरत का सबूत है, न कि ईसा (अलैहिस्सलाम) के ख़ुदा होने का।
यह आयत हमें सिखाती है कि हम किसी इंसान को ख़ुदा न बनाएं, चाहे वह कितना ही बड़ा पैग़म्बर क्यों न हो। सारे पैग़म्बर अल्लाह के बंदे थे और उन्होंने अल्लाह की इबादत की। ईसा (अलैहिस्सलाम) भी अल्लाह के बंदे थे, उन्होंने भी अल्लाह की इबादत की और लोगों को अल्लाह की तरफ़ बुलाया।
यह आयत हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि हम अल्लाह की क़ुदरत पर ईमान रखें और उसकी निशानियों से सबक हासिल करें। अल्लाह ने ईसा (अलैहिस्सलाम) को एक निशानी बनाकर यह बताया कि वह हर चीज़ पर क़ादिर है। हमें चाहिए कि हम अल्लाह के बंदे बनकर रहें, उसकी इबादत करें और उसके रास्ते पर चलें। यही सच्ची कामयाबी है।
📜 आयत 57-61 — अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 59
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 59 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बल्कि (हक़ तो यह है कि) ये लोग हैं झगड़ालू…सूरा आयत 59/89 — अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुखरुफ सुनें, अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, अज़-ज़ुखरुफ mp3, अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 57–61. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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