अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَقَدْ جِئْنَاكُم بِالْحَقِّ: हम तुम्हारे पास सत्य (सच्चाई) लेकर आए।
- كَارِهُونَ: नफ़रत करने वाले, घृणा करने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में उन जुर्मगारों की मलामत (फटकार) कर रहा है जिन्होंने दुनिया में हक़ (सत्य) को ठुकरा दिया था। जब ये लोग जहन्नम में डाले जाएंगे, तो वे मालिक (जहन्नम के दरोग़ा) से फ़रियाद करेंगे कि उन्हें मौत दे दी जाए ताकि वे इस अज़ाब से छुटकारा पा सकें। लेकिन उन्हें जवाब दिया जाएगा कि उन्हें हमेशा इसी अज़ाब में रहना है। फिर अल्लाह तआला फ़रमाता है कि हमने तुम्हारे पास अपने रसूल को हक़ (सत्य) के साथ भेजा था, यानी तौहीद, रिसालत और आख़िरत की सच्चाई साफ़-साफ़ बयान कर दी थी। हमने तुम्हें अंधेरे में नहीं छोड़ा, बल्कि हिदायत का रास्ता दिखा दिया था।
लेकिन अफ़सोस! तुममें से अक्सर लोग हक़ से नफ़रत करते थे। उन्हें सच्चाई पसंद नहीं थी, क्योंकि सच्चाई पर चलने में नफ़्स की ख़्वाहिशों को छोड़ना पड़ता है, अहंकार को तोड़ना पड़ता है, और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह के हुक्म के मुताबिक ढालना पड़ता है। यही वजह थी कि वे हक़ को सुनकर भी उससे मुँह मोड़ लेते थे और उस पर अमल करना पसंद नहीं करते थे।
दावती पहलू (उपदेशात्मक संदेश):
यह आयत हमारे लिए एक बहुत बड़ी नसीहत है। अल्लाह तआला ने हमें कुरआन और सुन्नत की शक्ल में साफ़ सच्चाई दी है। हमें चाहिए कि हम हक़ को क़बूल करें, चाहे वह हमारी ख़्वाहिशों के ख़िलाफ़ ही क्यों न हो। हक़ से मुहब्बत करना और उस पर अमल करना ही हमारी कामयाबी की कुंजी है। जो लोग हक़ से नफ़रत करते हैं, वही दुनिया और आख़िरत में नाकाम होते हैं। आइए हम अपने दिलों को हक़ की मुहब्बत से भरें, क्योंकि हक़ ही वह रास्ता है जो हमें जन्नत तक पहुँचाता है। अल्लाह तआला हमें हक़ को क़बूल करने और उस पर साबित क़दम रहने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 76-80 — अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 78
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 78 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ कुफ्फ़ार मक्का) हम तो तुम्हारे पास हक़ लेकर आयें…सूरा आयत 78/89 — अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुखरुफ सुनें, अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, अज़-ज़ुखरुफ mp3, अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 76–80. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








