Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَبَارَكَ: अत्यंत बरकत वाला, बड़ा और पवित्र है।
- مُلْكُ: राज्य, अधिकार और स्वामित्व।
- السَّاعَةِ: क़ियामत का समय, जब सब लोग मरकर उठाए जाएँगे।
- تُرْجَعُونَ: तुम लौटाए जाओगे (अल्लाह की ओर)।
विस्तृत तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत हमें अल्लाह की महानता और उसकी असीम शक्ति का एहसास कराती है। अल्लाह वह ज़ात है जो हर प्रकार की बरकत और भलाई का स्रोत है, उसकी बरकतें अनगिनत हैं और उसका ख़ज़ाना कभी ख़त्म नहीं होता। वही है जिसके अधिकार में सारे आसमान, सारी ज़मीनें और उनके बीच की हर चीज़ है — चाहे वह दृश्य हो या अदृश्य, छोटी हो या बड़ी। पूरे ब्रह्मांड की बागडोर अकेले उसी के हाथ में है, कोई दूसरा उसका साझीदार नहीं।
इसके बाद अल्लाह तआला अपने एक और ख़ास इल्म का ज़िक्र करता है — क़ियामत का इल्म। यानी क़ियामत कब आएगी, यह जानने का अधिकार सिर्फ़ अल्लाह को है। न किसी फ़रिश्ते को, न किसी नबी को, न किसी इंसान को। यह बात हमें सिखाती है कि हमें अपनी ज़िंदगी इस तरह बितानी चाहिए कि हम हर वक़्त उस दिन के लिए तैयार रहें, क्योंकि वह घड़ी कब आ जाए, किसी को पता नहीं।
आयत के अंत में अल्लाह फ़रमाता है: "और उसी की ओर तुम लौटाए जाओगे।" यह हर इंसान के लिए एक बड़ी याद दिलाही है — मौत के बाद हमें उठाया जाएगा, हम अपनी कब्रों से निकलेंगे, और अपने रब के सामने हाज़िर होंगे। वहाँ हर अच्छे और बुरे काम का हिसाब होगा। जिसने अच्छे काम किए होंगे, उसे अच्छा बदला मिलेगा, और जिसने बुरे काम किए होंगे, उसे अपने किए की सज़ा भुगतनी पड़ेगी।
यह आयत हमें तीन बड़ी बातें सिखाती है: पहली — अल्लाह की बरकत और उसकी कुदरत पर ईमान लाना; दूसरी — क़ियामत के दिन पर यक़ीन रखना और उसकी तैयारी करना; तीसरी — यह एहसास रखना कि हमें एक दिन अपने रब के सामने पेश होना है, इसलिए अपनी ज़िंदगी को नेकी और अच्छाई से भर लें। जो इंसान इन हक़ीक़तों को समझ लेता है, वह कभी गुमराही में नहीं भटकता और न ही दुनिया की चमक-दमक उसे अल्लाह से ग़ाफ़िल कर पाती है। अल्लाह हम सबको सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 83-87 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 85
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 85 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वही बहुत बाबरकत है जिसके लिए सारे आसमान व…सूरा आयत 85/89 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ुखरुफ सुनें, सूरा अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, सूरा अज़-ज़ुखरुफ mp3, सूरा अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 83–87. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अज़-ज़ुखरुफ
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


