Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَا خَلَقْنَاهُمَا: हमने उन दोनों (आसमानों और ज़मीन) को पैदा नहीं किया।
- بِالْحَقِّ: सत्य के साथ, यानी एक उद्देश्य और हिकमत के साथ।
- لَا يَعْلَمُونَ: वे नहीं जानते।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला फ़रमाता है कि हमने आसमानों और ज़मीन को बेकार और खेल-तमाशे के लिए पैदा नहीं किया। बल्कि इन दोनों को सत्य और एक महान उद्देश्य के साथ पैदा किया गया है — यह अल्लाह की क़ुदरत की निशानी हैं, उसकी हिकमत का प्रमाण हैं, और इनमें बंदों के लिए अनगिनत फ़ायदे और सबक छिपे हैं। यह सृष्टि किसी लापरवाह खिलाड़ी का काम नहीं, बल्कि उस हकीम (सर्वज्ञानी) और क़ादिर (सर्वशक्तिमान) की रचना है जिसने हर चीज़ को एक माप और उद्देश्य के साथ बनाया है।
लेकिन अफ़सोस! इनमें से अधिकतर लोग — ख़ासकर मुशरिकीन (बहुदेववादी) — इस सच्चाई को नहीं जानते। उनकी निगाहें इन निशानियों पर नहीं जातीं, और उनके दिल इन पर ग़ौर-ओ-फ़िक्र नहीं करते। वजह यह है कि उन्हें न किसी सवाब (पुण्य) की उम्मीद है और न किसी अज़ाब (दंड) का डर। अगर उन्हें यक़ीन होता कि यह कायनात एक हक़ के साथ बनाई गई है और इसका एक अंजाम है, तो वे ज़रूर इन निशानियों से सबक लेते और अपने रब की तरफ़ रुजू करते।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
यह आयत हमें ग़ौर-ओ-फ़िक्र की दावत देती है। जब हम आसमान की बुलंदियों, ज़मीन की फ़राग़त, और इनके बीच की अजीबो-ग़रीब मख़लूक़ात को देखें, तो हमारा दिल अपने ख़ालिक़ (रचयिता) की अज़मत से भर जाना चाहिए। यह कायनात कोई अंधी और बेमक़सद चीज़ नहीं, बल्कि हर ज़र्रा एक हिकमत की गवाही देता है। जो शख्स इस हक़ को पहचान ले, वह कभी ज़िंदगी को बेमक़सद नहीं जी सकता। वह जानता है कि उसका रब हक़ के साथ पैदा करने वाला है, और एक दिन उसे अपने आमाल का हिसाब देना है। यही ईमान इंसान को सीधे रास्ते पर चलाता है और उसे उस मक़सद की तरफ ले जाता है जिसके लिए उसे पैदा किया गया है। तो आओ, हम इस कायनात की निशानियों पर ग़ौर करें और अपने रब की तरफ़ पलटें — क्योंकि यही कामयाबी का रास्ता है।
📜 आयत 37-41 — सूरा अद-दुखान
अनुवाद — अद-दुखान 39
सूरा अद-दुखान आयत 39 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इन दोनों को हमने बस ठीक (मसलहत से) पैदा किया…सूरा आयत 39/59 — सूरा अद-दुखान الدخان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अद-दुखान सुनें, सूरा अद-दुखान अनुवाद, सूरा अद-दुखान mp3, सूरा अद-दुखान pdf. आयत 37–41. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अद-दुखान
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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