Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- تَرَىٰ — आप देखते हैं
- يَتَوَلَّوْنَ — वे मित्र बनाते हैं, संबंध जोड़ते हैं
- لَبِئْسَ — निश्चय ही बहुत बुरा है
- قَدَّمَتْ — आगे भेजा (अपने आचरण से)
- سَخِطَ اللَّهُ — अल्लाह का क्रोधित होना
- خَالِدُونَ — सदैव रहने वाले
व्याख्या:
हे नबी! आप देखते हैं कि इन यहूदियों में से बहुत से लोग काफ़िरों (मक्का के मुशरिकों) से मित्रता करते हैं और उनका साथ देते हैं। वे आपके विरुद्ध और एकेश्वरवादियों के विरुद्ध उन काफ़िरों की सहायता करते हैं, उन्हें आपसे लड़ने के लिए उकसाते हैं। यह उनका कृत्य अत्यंत बुरा है — उन्होंने अपने हाथों अपने लिए वह चीज़ आगे भेजी है जो उनके लिए विनाशकारी सिद्ध हुई। इस मित्रता और शत्रुता के कारण अल्लाह का क्रोध उन पर उतरा, और अंतिम परिणाम यह है कि वे सदैव के लिए अल्लाह की यातना में रहेंगे, जिससे वे कभी बाहर नहीं निकल सकेंगे। यह उनके उस कर्म का परिणाम है जो उन्होंने अपने जीवन में किया — काफ़िरों से मोहब्बत और अल्लाह के नबी से दुश्मनी।
शिक्षाएँ और लाभ:
- मित्रता का चयन अत्यंत महत्वपूर्ण है — जिससे हम मित्रता करते हैं, वह हमारे धर्म और आख़िरत पर गहरा प्रभाव डालता है। काफ़िरों से मित्रता करना अल्लाह के क्रोध का कारण बन सकता है।
- कर्मों का परिणाम अवश्यंभावी है — मनुष्य जो कुछ भी इस दुनिया में करता है, वह अपने लिए आगे भेजता है। अच्छे कर्म अच्छा परिणाम लाते हैं और बुरे कर्म बुरा परिणाम।
- अल्लाह की नाराज़गी से बचना चाहिए — अल्लाह की सन्तुष्टि सबसे बड़ी सफलता है और उसका क्रोध सबसे बड़ी असफलता। मोमिन को हमेशा वही काम करना चाहिए जिससे अल्लाह प्रसन्न हो।
- धर्म में स्पष्टता आवश्यक है — मुसलमान को अपने धर्म के मामले में स्पष्ट और दृढ़ होना चाहिए। दुश्मनों से मित्रता और उनकी सहायता करना ईमान के विपरीत है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि — सच्चा मुसलमान वह है जो अल्लाह और उसके रसूल से प्रेम करे, और उन लोगों से दुश्मनी रखे जो अल्लाह और उसके रसूल के दुश्मन हैं। यही ईमान की निशानी है।
📜 आयत 78-82 — सूरा अल-माइदा
अनुवाद — अल-माइदा 80
सूरा अल-माइदा आयत 80 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम उन (यहूदियों) में से बहुतेरों को देखोगे…सूरा आयत 80/120 — सूरा अल-माइदा المائدة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-माइदा सुनें, सूरा अल-माइदा अनुवाद, सूरा अल-माइदा mp3, सूरा अल-माइदा pdf. आयत 78–82. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-माइदा
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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