अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَا يَتَنَاهَوْنَ: एक-दूसरे को मना नहीं करते थे।
- مُنكَرٍ: वह काम जिसे शरई तौर पर बुरा और नापसंद किया गया हो।
- فَعَلُوهُ: जो उन्होंने स्वयं किया।
- لَبِئْسَ: बहुत बुरा है।
तफसीर (व्याख्या):
यह आयत बनी इस्राईल (यहूदियों) के उस समूह के बारे में है जो अल्लाह की नाफरमानी में डूबे हुए थे। उनकी सबसे बड़ी बुराई यह थी कि जब वे कोई गुनाह या बुरा काम करते थे, तो वे एक-दूसरे को उससे रोकते नहीं थे। न केवल वे खुद गुनाह करते थे, बल्कि दूसरों को भी उस पर छोड़ देते थे और कोई उन्हें टोकने वाला नहीं होता था। इस तरह वे खुलेआम गुनाह करते थे और आपस में एक-दूसरे को नेकी का हुक्म देने और बुराई से रोकने (अम्र बिल-मारूफ़ व नही अनिल-मुनकर) का फ़रीज़ा अदा नहीं करते थे।
अल्लाह तआला ने इस काम को बहुत बुरा बताया और फरमाया: "बहुत बुरा है वह काम जो वे करते थे।" यानी उनका यह अमल (बुराई से न रोकना) अपने आप में एक बड़ा गुनाह था, जिसकी वजह से वे अल्लाह की रहमत से महरूम हो गए और उन पर लानत भेजी गई। यह आयत उन लोगों के लिए एक गंभीर चेतावनी है जो बुराई देखकर चुप रहते हैं और उसे रोकने की कोशिश नहीं करते।
फ़ायदे (सबक):
- इस आयत से हमें सीख मिलती है कि अम्र बिल-मारूफ़ और नही अनिल-मुनकर (नेकी का हुक्म देना और बुराई से रोकना) इस्लाम का एक बहुत बड़ा फ़रीज़ा है। इसे छोड़ना गुनाहे-कबीरा (बड़ा पाप) है।
- एक मुसलमान को चाहिए कि जब वह किसी को गुनाह करते देखे, तो उसे नर्मी और हिकमत से रोके। चुप रहना और बुराई को फैलने देना पूरी उम्मत के लिए अल्लाह की नाराज़गी का सबब बनता है।
- यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि बुराई को रोकना सिर्फ हुकूमत या उलमा का काम नहीं, बल्कि हर मुसलमान की ज़िम्मेदारी है, अपनी हैसियत और ताकत के मुताबिक।
- जो लोग बुराई को देखकर खामोश रहते हैं, वे उस गुनाह में शरीक होते हैं, भले ही वे खुद वह गुनाह न करें। इसलिए हमें अपने समाज में बुराइयों के खिलाफ आवाज़ उठानी चाहिए।
- यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला बुराई से रोकने वालों को पसंद करता है और उन्हें इनाम देता है, और बुराई पर खामोश रहने वालों को सज़ा देता है। इसलिए हमें अपने घर, मोहल्ले और समाज में नेकी फैलाने और बुराई मिटाने की कोशिश करनी चाहिए।
📜 आयत 77-81 — अल-माइदा
अनुवाद — अल-माइदा 79
सूरा अल-माइदा आयत 79 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और किसी बुरे काम से जिसको उन लोगों ने किया…सूरा आयत 79/120 — अल-माइदा المائدة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-माइदा सुनें, अल-माइदा अनुवाद, अल-माइदा mp3, अल-माइदा pdf. आयत 77–81. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








